
कांग्रेस के लिए इस्तेमाल की गई सांकेतिक तस्वीर। (फाइल फोटो- पत्रिका)
जयपुर: युवा कांग्रेस के चुनाव प्रदेश की राजनीति में महज संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बनते जा रहे हैं। पूरी चुनावी प्रक्रिया भले ही डिजिटल कर दी गई है, लेकिन जमीन पर 'पावर और पैसे' का प्रभाव खुलकर सामने आ रहा है।
सदस्यता अभियान से लेकर वोटिंग मैनेजमेंट तक, दावेदार अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए हर संभव रणनीति अपना रहे हैं। प्रदेशभर में करीब 25 लाख सदस्य बनाने के लक्ष्य के साथ उम्मीदवारों ने ताकत झोंक दी है। नियमों के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं को चुनाव से दूर रखा गया है। लेकिन पर्दे के पीछे उनकी सक्रियता और समर्थन की चर्चा जोरों पर है।
चुनावी माहौल को धार देने के लिए दावेदार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासतौर पर 'एक्स', पर सक्रिय हो गए हैं। बड़े फॉलोअर वाले अकाउंट्स के जरिए अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा पारंपरिक मीडिया और अन्य माध्यमों से भी प्रचार अभियान तेज हो गया है।
युवा कांग्रेस का चुनाव संगठन में सबसे महंगे चुनावों में गिना जाता है। खासकर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारों को भारी खर्च करना पड़ता है। यही वजह है कि सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले कई युवा इस दौड़ में शामिल नहीं हो पाते।
युवा कांग्रेस के इन चुनावों में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री के साथ 50 जिलों में जिलाध्यक्ष व जिला महामंत्री, 200 विधानसभाओं और 400 ब्लॉकों में अध्यक्ष का चुनाव ऑनलाइन वोटिंग से होगा। पूरी प्रक्रिया इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के एप के जरिए संचालित की जा रही है।
एक सदस्य अलग-अलग पदों के लिए कुल 6 वोट कर सकता है। 21 अप्रैल से शुरू हुई चुनावी प्रक्रिया में अब तक करीब 8 लाख 60 हजार युवाओं ने सदस्यता के लिए आवेदन किया है। पार्टी नेताओं का अनुमान है कि 21 मई तक यह आंकड़ा 25 लाख तक पहुंच सकता है।
चुनाव में सदस्यता शुल्क 75 रुपए है, जो चुनाव प्राधिकरण के खाते में जमा होता है। अब तक 8.60 लाख सदस्य बने हैं, जिनमें से 4.70 लाख से अधिक सदस्य शुल्क जमा करा चुके हैं, जिससे 3.52 करोड़ रुपए एकत्र हो चुके हैं।
यदि सदस्यता 25 लाख तक पहुंचती है, तो यह राशि बढ़कर 18.75 करोड़ रुपए तक हो सकती है। चुनाव संगठन के लिए आर्थिक रूप से भी अहम बन गया है। चुनावों में 18 से 35 वर्ष तक के युवा ही हिस्सा ले सकते हैं।
सदस्यता के लिए लाइव फोटो, वोटर आईडी, मोबाइल नंबर और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य किया गया है। मतदान के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा वोट पाने वाले तीन उम्मीदवारों को दिल्ली में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा, जहां से एक अध्यक्ष और दो उपाध्यक्ष चुने जाएंगे।
Updated on:
29 Apr 2026 08:46 am
Published on:
29 Apr 2026 08:46 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
