
घर—घर सिंजारे का उल्लास, मंदिरों में सजी विशेष झांकी
घर—घर सिंजारे का उल्लास, मंदिरों में सजी विशेष झांकी
— नवविवाहिताओं के ससुराल से आया सिंजारा
— तीज पर कल नहीं निकलेगी शाही सवारी
जयपुर। श्रावण शुक्ल द्वितीया पर बुधवार को सिंजारा महोत्सव (Teej Sinjara Festival) पारम्परिक रूप से मनाया गया। मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई गई। वहीं घर—घर सिंजारे का उल्लास नजर आया। महिलाओं ने लहरिया साड़ी पहनी। इससे पहले हाथों पर मेहंदी लगाकर श्रृंगार किया। नवविवाहिताओं के ससुराल से सिंजारा आया। ससुराल से लहरिया साड़ी, आभूषण, श्रृंगार का सामान, मेहंदी और घेवर आदि सिंजारा के रूप में आए। वहीं गुरुवार को तीज का त्योहार (Festival of Teej) मनाया जाएगा। इस बार तीज माता की शाही सवारी नहीं निकलेगी।
तीज के सिंजारे पर गोविंददेवजी मंदिर में ठाकुरजी को काले रंग की लहरिया गोटा जामा पोशाक धारण कराई गई। सोने-चांदी के आभूषणों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही ठाकुरजी को झूला झुलाना शुरू कर दिया गया। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी और मंदिर के पुजारियों ने ठाकुरजी को चांदी के पालने में झूला झुलाया। ठाकुरजी को झूला झुलाने का क्रम पंचमी और उसके बाद एकादशी से पूर्णिमा तक जारी रहेगा। मंदिर प्रवक्ता मानस गोस्वामी ने बताया कि सिंजारे पर काले रंग की पोशाक धारण कराने का भाव यह है कि ठाकुरजी को नजर नहीं लग जाए। गुरुवार को हरियाली तीज पर लाल रंग का लहरिया जामा पोशाक धारण कराई जाएगी। ठाकुरजी को सादा घेवर का भोग लगाया जाएगा। वहीं सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार को लाल रंग की लहरिया पोशाक धारण कराकर घेवर का भोग लगाया गया। शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरीशरण महाराज ने सिंजारे पर ठाकुरजी के लाड़ लड़ाए। सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि गुरुवार को हरियाली तीज महोत्सव पर ठाकुरजी को झूला झुलाया जाएगा।
नहीं निकलेगी तीज माता की सवारी, निभाई जाएगी परंपरा
हरियाली तीज पर गुरुवार को महिलाएं मां पार्वती का पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। तीज पर सूने पड़े बगीचों पर झूले डलेंंगे। कोविड—19 के चलते इस बार तीज माता की सवारी नहीं निकाली जाएगी। श्रावण तीज पर गुरुवार को जनानी ड्योढी में तीज माता की पूजा होगी। घेवर का भोग लगाया जाएगा। सिटी पैलेस के दिलीप शर्मा ने बताया कि कोरोना के चलते तीज माता की सवारी नहीं निकाली जाएगी। जनानी ड्योढी में ही महिलाएं तीज माता की पूजा कर परिक्रमा करवाएगी। महिलाएं तीज माता की पूजा-अर्चना कर समृद्धि और शांति की कामना करेगी।
Published on:
22 Jul 2020 08:17 pm
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