
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। एसीबी ने सार्वजनिक निर्माण विभाग में चल रहे घूसकांड का खुलासा करते हुए बुधवार को मुख्य अभियंता (बिल्डिंग) सुबोध कुमार मलिक, डूंगरपुर के अधिशासी अभियंता जितेन्द्र कुमार जैन और बांसवाड़ा के सहायक अभियंता अनंत कुमार गुप्ता को 10 लाख रुपए रिश्वत लेते व देते गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद आरोपियों के जयपुर, डूंगरपुर व बांसवाड़ा स्थित घर-दफ्तर में एसीबी की शाम को सर्च भी चली। एसीबी के डीआईजी रणधीर सिंह ने बताया कि डूंगरपुर में बिल्डिंग निर्माण में घोटाले के मामले में एक्सईएन जितेन्द्र के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी।
इसे रफा-दफा करने के बदले मुख्य अभियंता मलिक मध्यस्थ एईएन के जरिए जितेन्द्र से 10 लाख रुपए की रिश्वत ले रहा था। डेढ़ माह पहले एसीबी को एक्सईएन के खिलाफ चल रही जांच रुपए ले-देकर निस्तारण करने की सूचना मिली थी। तभी से एसीबी तीनों पर निगरानी रखे हुए थी। उनके फोन सर्विलांस पर ले रखे थे। बुधवार को एईएन के साथ एक्सईएन घूस की रकम देने जयपुर आने की सूचना मिली।
ट्रेन से आए जयपुर, फिर टैक्सी लेकर पहुंचे
एसीबी को एक्सईएन जितेन्द्र व एईएन अनंत के बुधवार सुबह ट्रेन से जयपुर पहुंचने की सूचना मिली। इस पर टीमें जयपुर जंक्शन, पीडब्ल्यूडी के दफ्तर और सीई के श्याम नगर में शांति नगर स्थित आवास के पास सुबह 7 बजे से तैनात कर दी गईं। जंक्शन पर पहुंचने के बाद जितेन्द्र व अनंत टैक्सी से शांति नगर स्थित घर करीब 9.30 बजे पहुंचे।
नोट गिना रहे थे, तभी एसीबी ने दे दी दस्तक
एक्सईएन, एईएन के जरिए सीई मलिक को उसके घर पर नोट गिना रहा था। तभी एसीबी की टीम ने वहां तीनों को पकड़ा। तीनों ने रिश्वत लेने व देने से इनकार कर दिया। लेकिन टीम ने घटना स्थल पर ही तीनों को रिश्वत लेने व देने के सबूत दिए। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि चीफ इंजीनियर विभाग में और कौन-कौन से मामले में जांच कर रहे हैं।
Published on:
07 Sept 2023 11:11 am
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