
जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जल जीवन मिशन की समीक्षा करते ही जल कनेक्शन की संख्या प्रतिदिन रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। इस वित्तीय वर्ष की आखिरी तिमाही में जल कनेक्शन का आंकड़ा पहली बार शुक्रवार को 40 प्रतिशत के पार पहुंच गया। जहां महीने भर पहले प्रदेश में प्रतिदिन 1000 से 1200 जल कनेक्शन हो रहे थे वहीं अब इनकी संख्या चार गुना तक बढ़ गई है। शुक्रवार को एक ही दिन में मिशन के तहत जल कनेक्शन का आंकड़ा 4 हजार के पार पहुंच गया। इंजीनियर अब 31 मार्च तक इस वित्तीय वर्ष के जल कनेक्शन के लक्ष्य तक पहुंचने की मशक्कत कर रहे हैं।
शुक्रवार को सर्वाधिक 1032 जल कनेक्शन भरतपुर रीजन में हुए। वहीं दूसरे नंबर पर 583 जल कनेक्शन के साथ बीकानेर रहा। तीसरे नंबर पर 565 जल कनेक्शन के साथ उदयपुर रीजन रहा। जयपुर जिले में जल कनेक्शन टेंडर घोटाले में फंसे हुए हैं। शाहपुरा, बस्सी, जमवारामगढ़ समेत कई डिवीजन में जल कनेक्शन ठप हैं। शुक्रवार को सबसे कम जल कनेक्शन जयपुर रीजन द्वितीय में हुए। यहां महज 104 जल कनेक्शन ही जारी हुए।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन में हुए 20 हजार करोड़ के टैंडर घोटाले के बाद टैंडर निरस्त कर दिए गए। इस वजह से पूरे राज्य में लगभग पांच महीन से जल कनेक्शन का काम पूरी तरह से ठप था। थोडे बहुत जल कनेक्शनज जारी होते थे वे मिशन में ईडी की एंट्री के बाद ठप हो गए। नई सरकार के काम संभालते ही जल जीवन मिशन का काम तेजी से दौड़ रहा है। प्रतिदिन समीक्षा और जल कनेक्शन के लक्ष्य पूरे करने का दवाब अब इंजीनियरों पर पूरी तरह से हावी है और धड़ाधड़ जल कनेक्शन जारी हो रहे हैं।
इस वित्तीय वर्ष का लक्ष्य नहीं होगा पूरा
हांलाकि मिशन के इंजीनियर यही कह रहे हैं कि इस वित्तीय वर्ष मे 31 मार्च तक 26 लाख जल कनेक्शन का लक्ष्य रखा था। लेकिन आखिरी तिमाही तक केवल 10 लाख जल कनेक्शन हुए हैं। ऐसे में इस वित्तीय वर्ष के लक्ष्य पूरे होने की संभावना नहीं है।
Published on:
11 Feb 2024 11:22 pm
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