
जयपुर. दूदू में जल जीवन मिशन के तहत 149 करोड़ की पेयजल परियोजना में कम गहराई पर पाइप बिछाने के मामले में जयपुर एसीई अमिताभ शर्मा की जांच रिपोर्ट के आधार पर दूदू अधिशासी अभियंता भगवानदास गावल, दूदू में तैनात रहे सहायक अभियंता योगेश मीणा और कनिष्ठ अभियंता हरिनारायण मीणा को निलंबित कर दिया गया है।
इंजीनियर खोलेंगे घपले
अब जल जीवन मिशन में इंजीनियर ही एक-दूसरे की पोल खोलेंगे। इसकी शुरुआत जयपुर, अलवर, दौसा, सीकर और झुंझुनूं से की गई है। तीन अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं की तीन कमेटियां बनाई गई हैं जो एक- दूसरे के क्षेत्र में भ्रष्टाचार की जांच करेंगे। आदेश के अनुसार अलवर क्षेत्र में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं की जांच अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर प्रथम करेंगे। अतिरिक्त मुख्य अभियंता एनसीआर अलवर जयपुर जिले और अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर द्वितीय अमिताभ शर्मा दौसा, सीकर और झुंझुनूं में पेयजल परियोजनाओं में किए भ्रष्टाचार की जांच करेंगे।
नेशनल जेजेएम की रिपोर्ट पर चुप्पी
सितंबर में नेशनल जल जीवन मिशन (जेजेएम) की टीम ने जयपुर जिले का दौरा किया। टीम को मिशन की परियोजनाओं में करोड़ों की अनियमितताएं मिली। जलदाय इंजीनियरों में चर्चा है कि नेशनल टीम की जांच रिपोर्ट पर विभाग के आला अधिकारी चुप्पी साधे हैं। जबकि बस्सी में तो बिना पाइप बिछाए ही ठेकेदार को 12 करोड़ से ज्यादा का भुगतान इंजीनियरों ने किया।
Published on:
07 Mar 2024 11:39 pm
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