
जयपुर। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जमवारामगढ़ समेत पांच जिलों में श्रीश्याम व गणपति टयूबवैल को बिना काम 50 करोड़ के भुगतान मामले में गठित तीन कमेटियों ने जांच से इनकार कर दिया। जल भवन के इंजीनियरों ने तीनों कमेटियों में शामिल विजिलेंस व गुणवत्ता विंग के इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्रावली आला अफसरों को भेजी। लेकिन यह पत्रावली बीते 15 दिन से जेजेएम एमडी कमर उल जमाल चौधरी, संयुक्त सचिव प्रवीण लेखरा और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए सावंत के कार्यालयों में घूम रही है।
हालात देखकर अब इंजीनियर कह रहे हैं कि इस जांच को बंद करने की उच्च स्तर पर तैयारी कर ली गई है। पत्रिका ने मंगलवार को जेजेएम विंग के इंजीनियरों से मामले पर बात की तो सभी ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं कि विजिलेंस व गुणवत्ता विंग के इंजीनियर पेयजल परियोजनाओं में भ्रष्टाचार की जांच से इनकार कर दें।
तीनों कमेटियों की रिपोर्ट पर बिना काम भुगतान करने वाले 150 इंजीनियरों पर निलंबन की कार्रवाई होनी है। जल भवन में तैनात इंजीनियरों का कहना है कि विजिलेंस व गुणवत्ता विंग की जांच रिपोर्ट के आधार पर पेयजल परियोजनाओं में भ्रष्टाचार करने वाले इंजीनियरों पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।
Updated on:
16 Apr 2025 07:10 am
Published on:
16 Apr 2025 07:06 am
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