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ईस्टर्न कैनाल परियोजना पर शेखावत व जोशी में नोकझोंक

जल जीवन मिशन (जेजेएम) की रीजनल कॉन्फ्रेंस शुक्रवार को उस समय माहौल गर्मा गया, जब ईस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की जलदाय मंत्री महेश जोशी ने मांग उठाई।

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Jal Jeevan Mission जयपुर। जल जीवन मिशन (जेजेएम) की रीजनल कॉन्फ्रेंस शुक्रवार को उस समय माहौल गर्मा गया, जब ईस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की जलदाय मंत्री महेश जोशी ने मांग उठाई। इस बीच जलदाय मंत्री महेश जोशी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच में तीखी नोकझोंक भी हुई। मामला यहां तक बढ़ गया कि केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने राजनीति छोड़ने तक की बात कह डाली।

दरअसल जल जीवन मिशन (जेजेएम) और स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) ग्रामीण पर देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एक दिवसीय रीजनल कॉन्फ्रेंस में जलदाय मंत्री महेश जोशी ने राजस्थान ईस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग की। जोशी ने कहा कि इससे 13 जिलों को लाभांवित किया जाना है, इन जिलों में भूजल की श्रेणी अतिदोहित श्रेणी की होने से यहां पेयजल की अन्य कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इन जिलों में इस्टर्न कैनाल परियोजना से ही जल उपलब्ध कराया जा सकता है।
मंत्री महेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दो बार इस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का वादा किया था। इस बीच केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोशी को टोकते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जयपुर और अजमेर की मीटिंग में ऐसा कुछ नहीं कहा है, जयपुर की मीटिंग के बारे में इतना ही कहा कि एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।
केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने यहां तक कह दिया कि यदि अजमेर के दौरे के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के मामले में एक शब्द भी कहा हो तो मैं अपनी राजनीति छोड़ दूंगा, नहीं तो फिर आप और आपके मुख्यमंत्री राजनीति छोड़ देना। शेखावत की आपत्ति पर मंत्री महेश जोशी ने आश्वस्त करते हुए कहा कि अगर हम इस बात को साबित नहीं कर पाए तो भविष्य में इसका जिक्र नहीं करेंगे। लेकिन यह राजस्थान की महत्ती परियोजना है, ऐसे में इस परियोजना को राज्य परियोजना घोषित करने की जरूरत है।