17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राज्य सरकार की उदासीनता बनी जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में बाधा-बोहरा

जयपुर सांसद रामचरण बोहरा ने राज्य सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के धीमे क्रियान्वयन को लेकर अपने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंन कहा कि राज्य सरकार की उदासीनता के कारण जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को अर्जित करने में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिसके कारण वर्ष 2024 तक ग्रामीण क्षेत्र के हर घर को क्रियाशील नल कनेक्शन देने का प्रधानमंत्री सपना साकार नहीं हो पा रहा है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Jun 11, 2021

राज्य सरकार की उदासीनता बनी जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में बाधा-बोहरा

राज्य सरकार की उदासीनता बनी जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में बाधा-बोहरा

जयपुर।

जयपुर सांसद रामचरण बोहरा ने राज्य सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के धीमे क्रियान्वयन को लेकर अपने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंन कहा कि राज्य सरकार की उदासीनता के कारण जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को अर्जित करने में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिसके कारण वर्ष 2024 तक ग्रामीण क्षेत्र के हर घर को क्रियाशील नल कनेक्शन देने का प्रधानमंत्री सपना साकार नहीं हो पा रहा है।

बोहरा ने कहा कि पेयजल राज्य का विषय है एवं पेयजल आपूर्ति के लिए योजना बनाने, मंजूरी देने और उसे लागू करने का अधिकार राज्य सरकार में निहित है। जब केन्द्र सरकार जल जीवन मिशन के तहत आवंटित राशि को जारी कर चुकी है तो राज्य सरकार पेयजल मिशन के लिए इसका सदुपयोग क्यों नहीं कर पा रही है ? राज्य सरकार की उदासीनता के कारण ही आज पानी के लिए त्राहि-2 मची है और लोागों को निजी पेयजल प्रदाताओं से मोटी रकम देकर पानी के टैंकर मंगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और इसका दोष केन्द्र सरकार को दिया जा रहा है जो उचित नहीं है। राज्य सरकार को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए ताकि आमजन को भीषण गर्मी में पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़े।

कई हजार करोड़ रुपए दे चुकी है केंद्र

बोहरा ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान सरकार को वर्ष 2019-20 में 1,301.71 करोड़ और 2020-21 में 2,522.03 करोड़ रुपए दिए गए थे। लेकिन राज्य में इस मिशन के धीमे क्रियान्वयन के कारण राजस्थान सरकार केवल 630.51 करोड़ ही ले सकी। वर्ष 2020-21 के लिए राज्य सरकार के पास वर्ष 2019-20 की शेष राशि 995.07 करोड़ रुपए मिलाकर केन्द्र की 1,625.58 करोड़ राशि उपलब्ध थी। उसमें से राज्य सरकार 31 मार्च, 2021 तक मात्र 762.04 करोड़ रुपए ही उपयोग कर पाई। इस तरह 863.53 करोड़ रुपए अभी भी राज्य सरकार के पास मौजूद है। इसके अलावा वर्तमान वित्तीय वर्ष यानि 2021-22 में राजस्थान का जल जीवन मिशन के अन्तर्गत आवंटन बढ़ाकर 10,180 करोड़ रुपए कर दिया गया है।