
जयपुर। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के लिए मंदिरों में सभी तैयारिया पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों में भक्ति संगीत के साथ झांकियां भी सजाई जा रही हैं। जयपुरवासियों के आराध्य गोविंद देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में कृष्ण जन्माष्टमी कल मनाई जा एगी। इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मध्यरात्रि 12 बजे जन्माभिषेक के समय 31 तोपों की गर्जना से सलामी दी जाएगी।
झांकियों का समय
मंगला झांकी के दर्शन 3.45 से 4.30 बजे तक, धूप झांकी के 7.30 से 9.30 बजे, शृंगार 9.45 से 11.30 बजे एवं राजभोग मध्याह्न 11.45 से 1.30 बजे तक का समय रहेगा। ग्वाल आरती शाम 4.00 से 6.30 बजे, संध्या 6.45 से 8.30 बजे, शयन आरती 9.15 से 10.30 बजे होगी। कृष्ण जन्माष्टमी कथा रात्रि 10 से 11 बजे तक होगी। मध्यरात्रि 12.00 से 1.15 बजे तिथि पूजा होगी और उसके बाद ठाकुरजी का पंचामृताभिषेक होगा।
तीन लाइनों में होंगे दर्शन
मंगला झांकी से ही ठाकुरजी के दर्शन शुरू हो जाएंगे। दर्शनों के लिए तीन लाइनों की व्यवस्था रहेगी। पहली लाइन में वीआईपी व पास धारक, दूसरी में आम दर्शक बिना जूता चप्पल और तीसरी लाइन में जूता चप्पल पहन कर जाने वाले दर्शनार्थी जाएंगे। लोग जलेब चौक की तरफ से मंदिर में प्रवेश करेंगे उनका निकास जयनिवास उद्यान के पूर्वी गेट से होगा। इनकी पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। जो लोग ब्रह्मपुरी व कंवरनगर की ओर से प्रवेश करेंगे वे चिंताहरण हनुमान मंदिर होते हुए जयनिवास उद्यान के पश्चिमी द्वार से निकास करेंगे।
नंदोत्सव के दिन झांकियों का समय
बुधवार सुबह शृंगार आरती के दौरान 9.15 बजे नंदोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन झांकियों का समय मंगला आरती रात्रि 11.00 से 11.15 बजे, धूप आरती 7.30 से 8.45 बजे, शृंगार आरती 9.15 से 10 बजे राजभोग 10.45 से 11 बजे, ग्वाल आरती 6 से 6.30 बजे संध्या आरती 7 से 8.15 एवं शयन आरती के दर्शन 9 से 9.30 तक होंगे मध्यरात्रि में होगा जन्माभिषेक मंदिर के प्रवक्ता मानस गोस्वामी ने बताया कि मध्ययरात्रि में भगवान का 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा, 11 किलो शहद से प्रभु का जन्माभिषेक किया जाएगा। ठाकुर जश्रीजी को पंजीरी, लड्डू एवं खोरसा का भोग अर्पण किया जाएगा। अभिषेक के बाद भक्तों को जयनिवास बाग में बने प्रसाद मंच से पंचामृत का वितरण किया जाएगा।
Published on:
14 Aug 2017 06:56 pm
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