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सात वर्ष पहले सील की थी इमारत, टीम पहुंची तो होता मिला काम… ईंटों की दीवार खड़ी कर फिर लगाई सील

2015 में जेडीए ने अवैध इमारत को किया था सील, सत्यापन में निर्माण होता मिला

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सात वर्ष पहले सील की थी इमारत, टीम पहुंची तो होता मिला काम... ईंटों की दीवार खड़ी कर फिर लगाई सील

सात वर्ष पहले सील की थी इमारत, टीम पहुंची तो होता मिला काम... ईंटों की दीवार खड़ी कर फिर लगाई सील

जयपुर। शहर में सील इमारतों में गुपचुप तरीके से निर्माण का एक और प्रकरण सामने आया है। शनिवार को सिद्धार्थ नगर में ऐसी ही निर्माणाधीन इमारत को जेडीए ने पुन: सील किया। इस इमारत को सात वर्ष पहले 12 मार्च, 15 को भी जेडीए ने सील किया था। सत्यापन के दौरान उक्त इमारत में निर्माण कार्य होता मिला। एक जून को नोटिस दिया और शुक्रवार को इमारत के प्रवेश और निकास द्वार पर दीवार खड़ी कर निर्माण सील कर दिया।
प्रवर्तन शाखा के मुख्य नियंत्रक रघुवीर सैनी ने बताया कि एयरपोर्ट टर्मिनल-2 रोड, सिद्धार्थ नगर के भूखंड संख्या ए-313 में बिना जेडीए की स्वीकृति के निर्माण किया जा रहा था। उस समय बेसमेंट, प्रथम मंजिल का निर्माण कार्य हो चुका था। दूसरी मंजिल का काम चल रहा था। इस दौरान इसको सील किया था।

शनिवार को जब जेडीए की टीम कार्रवाई करने पहुंची तो दूसरी मंजिल की छत डाली जा चुकी थी और तीसरी मंजिल पर छत डालने की तैयारी चल रही थी।


व्यवस्था में किया बदलाव
2019 में सील इमारत गुपचुप तरीके से खुले नहीं, इसके लिए जेडीए ने प्रवेश और निकास द्वार पर ईंटों की दीवार खड़ी करना शुरू कर दिया। जबकि, इससे पहले सिर्फ डोरी बांधकर ही सील लगाई जाती थी।

पहले ईंटों की दीवार तक हटा ली थी
दिसम्बर, 2019 में जेडीए ने स्वर्ण विहार के हाज्यावाला के भूखंड संख्या 18 में बने अपार्टमेंट को सील किया था। दिसम्बर 2021 में सत्यापन में सामने आया कि निर्माणकर्ता नरेंद्र कुमार अग्रवाल ने नौ में से सात फ्लैटों का बेचान कर दिया और उसमें लोग रहने लगे। इसके बाद जेडीए ने मुहाना थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई।