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जेडीए में अपनों का टोटा, रिटायर्ड लोग दे रहे सेवा… बटोर रहे जमकर मेवा

ऐसी मेहरबानी क्यों: 30 से अधिक अर्बन प्लानर भी एक कम्पनी के तहत जेडीए ने रखे, जबकि टाउन प्लानर की संख्या पर्याप्त

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जेडीए में अपनों का टोटा, रिटायर्ड लोग दे रहे सेवा... बटोर रहे जमकर मेवा

जेडीए में अपनों का टोटा, रिटायर्ड लोग दे रहे सेवा... बटोर रहे जमकर मेवा

जयपुर. जेडीए पर जिम्मा तो शहर के व्यवस्थित विकास है, लेकिन प्राधिकरण लोगों की कमी से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि जेडीए में 1961 पद स्वीकृत हैं और अभी 881 लोग ही काम कर रहे हैं। इसके अलावा 200 लोग ऐसे हैं जो सेवानिवृत्त होने के बाद भी जेडीए में सरकारी कर्मचारी के तौर पर ही काम कर रहे हैं। गड़बड़ी के मामले भी इन्हीं लोगों के सामने आते हैं। इसके अलावा जेडीए में टाउन प्लानिंग शाखा में पर्याप्त स्टाफ है, इसके बाद भी निजी कम्पनी के जरिए 34 अर्बन प्लानर को संविदा पर रखा हुआ है। अर्बन प्लानर सरकारी दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर करते हैं जो कि नियमों के खिलाफ है।

अब तक स्वीकृति नहीं मिली

जेडीए में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए और पद बढ़ाने के लिए फाइल फरवरी से वित्त विभाग के पास है, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। जेडीए में अभी 1961 पद स्वीकृत हैं, इनको बढ़ाकर 2306 किए जाने हैं। करीब 1080 पद रिक्त हैं। यदि विभाग से स्वीकृति मिल जाए तो युवाओं को नौकरी मिलेगी और लोगों के काम भी आसानी से हो सकेंगे।......

भर्ती हुई तो ये होगा फायदा

-जेडीए में जोन विस्तार की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत पड़ेगी। इससे विकास के कार्य जल्दी हो सकेंगे।

-अभी कई फाइलें अटकी रहती हैं। भर्ती होने से लोगों के काम भी समय पर हो सकेंगे।

आठ जून को सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। कैडर स्ट्रेंथ के बारे में भी जानकारी दी थी। उन्होंने आश्वस्त किया था, लेकिन अब तक फाइल वित्त विभाग में अटकी हुई है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

-बाबूू लाल मीणा, अध्यक्ष, जेडीए कर्मचारी एवं अधिकारी परिषद

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अभी ये हाल

जेडीए सेवा के कर्मचारी- 283

प्रतिनियुक्ति पर- 398

सेवानिवृत्त कर्मचारी-200

मामले आते रहते हैं सामने

-आयुवान सिंह नगर में पार्क की जमीन पर पट्टे देने के मामले में सेवानिवृत्त तहसीलदार ओमप्रकाश शर्मा और अर्बन प्लानर सुरेंद्र सिंह को कार्यमुक्त किया गया था। दोनों की पहले भी गड़बड़ी पकड़ में आई थीं, लेकिन सख्त कार्रवाई जेडीए ने नहीं की।

-बिल्डिंग बायलॉज के विपरीत नक्शा बनाने के चलते वास्तुविद इंद्रमोहन नागपाल को जेडीए ने ब्लैक लिस्ट कर दिया था। जेडीए सीमा क्षेत्र में उनके जारी भवन मानचित्र अनुमोदन, ले-आउट प्लान, पूर्णता प्रमाण पत्र और अधिवास प्रमाण पत्र अमान्य कर दिए गए।