
फार्म हाउस व इकोफ्रेंडली आवास में कंस्ट्रक्शन एरिया दोगुना करने की जेडीए की कोशिश नाकाम
जयपुर। फार्म हाउस और इकोफ्रेंडली आवास में ग्रीन एरिया कम करने की जयपुर विकास प्राधिकरण की कोशिश नाकाम हो गई। जेडीए दोनों योजनाओं में ग्रीन हिस्सा कम कर कंस्ट्रक्शन (निर्माण) एरिया को दस से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने पर आमादा रहा। इसके लिए नगरीय विकास विभाग की एक्सपर्ट कमेटी को प्रस्ताव भी भेज दिया, लेकिन कमेटी सदस्यों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए प्रस्ताव खारिज कर दिया। साथ ही निर्देशित किया की शिथिलता के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजें। खास यह है मास्टर प्लान मामले में हाइकोर्ट इकोलोजिकल जोन को बचाने और हरियाली बढ़ाने के आदेश देता रहा है, इसके बावजूद अफसर चहेतों को उपकृत करने से बाज नहीं आ रहे।
रिसोर्ट प्रावधान की आड़
जेडीए की नगर नियोजन शाखा ने तर्क दिया कि, रिसॉर्ट योजना में 20 प्रतिशत तक निर्माण की अनुमति है। इसी तर्ज पर फार्म हाउस और इकोफ्रेंडली आवास में भी छूट दी जाए।
यह है प्रावधान
बिल्डिंग बायलॉज में स्पष्ट अंकित है कि दोनों योजनाओं में भूखण्ड क्षेत्रफल का अधिकतम 10 प्रतिशत या 500 वर्गमीटर (जो भी कम हो) तक ही निर्माण किया जा सकता है, ताकी भूखण्ड के ज्यादा से ज्यादा हिस्से में हरियाली रहे। फार्म हाउस में अधिकतम निर्माण ऊंचाई 8 मीटर (भूतल व मंजिल) की ही अनुमति है।
जवाब मांगते सवाल
-बिल्डिंग बायलॉज में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद उसमें संशोधन की क्यों जरूरत पड़ी? क्या इसके पीछे दबाव था या चहेतों को उपकृत करने की मंशा रही?-ऐसे मामलों में बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधान 5.5 में साफ अंकित है कि किसी विशिष्ट योजना के लिए बायलॉज के प्रावधानों से भिन्न मानदण्ड राज्य सरकार की स्वीकृति से ही प्रस्तावित किए जा सकेंगे। इसकी पालना क्यों नहीं की गई?
कोर्ट देता रहा आदेश
मास्टर प्लान को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट ने 12 जनवरी, 2017 को विस्तृत आदेश दिए थे। सरकार को 45 बिन्दुुओं की पालना करने के लिए कहा गया। इसके बाद भी हाइकोर्ट के आदेश आए। इसमें इकोलोजिकल जोन को बचाने और ग्रीन एरिया बढ़ाना भी शामिल है।
Published on:
06 Oct 2022 11:40 pm
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