
जेईई से चार गुना ज्यादा प्रदेश स्तर की जेट का आवेदन शुल्क
जयपुर. अंतर्राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) से चार गुना ज्यादा प्रदेश स्तर की परीक्षा जेट में विद्यार्थियों से आवेदन शुल्क वसूला जा रहा है। जेईई का आवेदन शुल्क 650 रुपए है, जबकि प्रदेश के कृषि संस्थानों में स्नातक की पढ़ाई के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेट) का आवेदन शुल्क जनरल व ओबीसी के विद्यार्थियों के लिए 2800 व एससी, एसटी के लिए 1400 रुपए पिछले सात साल से लिया जा रहा है। इसके साथ ही प्री पीजी परीक्षा में भी यही शुल्क लिया जा रहा है। विद्यार्थियों ने इस शुल्क को कम कर 500 रुपए करने की मांग की है।
30 हजार छात्र हर साल देते हैं परीक्षा
प्रदेशभर में लगभग 30 हजार विद्यार्थी हर साल जेट परीक्षा देते हैं। इसका आयोजन 7 जून को कृषि विवि, कोटा की ओर से किया जाएगा। परीक्षा के जरिए 1200 सरकारी और लगभग तीन हजार निजी कॉलेजों की सीटों पर एडमिशन होगा। प्रदेश में कोटा, जोबनेर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर में कृषि विवि हैं। हर विश्वविद्यालय को चार साल तक परीक्षा की जिम्मेदारी दी जाती है। पिछले वर्ष कोटा को यह जिम्मेदारी दी गई थी। विवि ने जेट का संभावित कैलेंडर जारी कर दिया है। इसके अनुसार आवेदन 16 मार्च से लिए जाएंगे।
'फीस वृद्धि को कम करने की मांग को लेकर दो बार कृषि मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव और कोटा विवि के कुलपति को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन निराशा ही हाथ लगी है। भारी भरकर फीस चुकाना हर छात्र के लिए संभव नहीं है। इसे 500 रुपए किया जाए।'
सीताराम भाखर, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान एग्रीकल्चर स्टूडेंट एसोसिएशन
'पिछले साल भी यही फीस थी। अब भी यही ली जाएगी। सरकार के निर्देशानुसार ही फीस ले रहे हैं।'
डी.सी.जोशी, कुलपति, कृषि विवि कोटा मेरे संज्ञान में मामला अभी आया है।
'छात्र अपनी मांग रखें, कार्यवाही करेंगे।'
प्रह्लाद कुमार मीणा, शासन उप सचिव, कृषि विभाग
Published on:
20 Feb 2020 08:52 pm
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