
जयपुर. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का असर राजधानी के ज्वेलरी, हैंडिक्राफ्ट और घरेलू कामकाज सहित अन्य कारोबार पर पड़ने लगा है। यहां काम कर रहे बंगाली कारीगर वोट देने के लिए घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। इससे जयपुर में ज्वेलरी सहित अन्य कारोबार 15 से 20 दिन तक प्रभावित होगा। पहली बार बड़ी संख्या में वोट देने के लिए घर लौट रहे कारीगरों ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। व्यापारियों ने नए ऑर्डर होल्ड कर दिए हैं। शादी के सीजन में कारोबारी समय पर चांदी-सोने की ज्वेलरी देने की गारंटी तक नहीं ले रहे हैं।
जानकारों के अनुसार शहर में सबसे अधिक ज्वेलरी बनाने का काम बंगाली कारीगर करते हैं। इसके अलावा गारमेंट और हैंडिक्राफ्ट सहित अन्य कामों में भी उनकी बड़ी भूमिका है। ऐसे में इनके घर लौटने से ज्वेलरी और आभूषण मांग के अनुसार तैयार नहीं हो पाएंगे। अनुमान है कि करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित होगा।
बंगाली कारीगरों के घरों से लगातार आ रहे फोन ने इनकी दिनचर्या बदल दी है। कुछ लोग पैकिंग कर रहे हैं तो कुछ टिकट का इंतजाम करने में लगे हैं। वोट देने का दबाव, वोटर लिस्ट से नाम कटने और सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने के डर ने इन्हें घर जाने पर मजबूर कर दिया है।
सीतापुरा में काम करने वाले हावर्ड जिले के गोपीनाथ ने बताया कि वोट डालने के लिए जाना जरूरी है। वहां 20 दिन रहेंगे। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) हुआ है, इसलिए जाना जरूरी है। उदय गोलुई ने बताया कि इस बार मतदान के लिए सभी का जाना जरूरी है। वोटर लिस्ट में नाम नहीं कटे, इसलिए वोट देने जा रहे हैं। नदिया जिले के पबन दास ने बताया कि मतदान के लिए पूरा परिवार ही गांव जा रहा है। हुगली जिले के मुस्ताक अली ने बताया कि घर से बार-बार फोन आ रहा है, पार्टी वाले कह रहे हैं कि इस बार वोट देना ही पड़ेगा। सब बंगाली कारीगर जा रहे हैं। ज्वेलरी शॉप में कारीगर पवन कहते हैं, 'कई साल से जयपुर में रह रहा हूं। मेरे आधार कार्ड में जयपुर का पता है और मैंने यहां वोट भी दिया है। लेकिन मेरे पास बंगाल का पहचान पत्र भी है। अब मैं वहीं जाकर वोट दूंगा। जहां हमारी जड़ें हैं वहां जिम्मेदारी निभाना जरूरी है।
शहर के पॉश इलाकों सहित अन्य जगहों पर अधिकतर घरों में बंगाली महिलाएं काम करती हैं। घर में खाना बनाने से लेकर अन्य काम उनके उपर ही निर्भर है। इनदिनों ये महिलाएं परिवार सहित वोट देने के लिए अपने घर लौट रही है। इससे घर का कामकाज भी प्रभावित होगा, वहीं दिनचर्या भी बदलने वाली है। इससे लोगों की चिंता बढ़ा दी है।एक होटल में काम करने वाली ममता रॉय कहती हैं कि अगर मैं वोट देने नहीं गई तो मेरा नाम लिस्ट से कट सकता है, इसलिए जाना पड़ रहा है। होटल के मालिक ने भी कह दिया है कि जितने दिन काम पर नहीं आऊंगी उतनी सैलरी कटेगी। हमारा रिजर्वेशन भी कंफर्म नहीं है, जनरल में जाना पड़ेगा।
घर का कामकाज भी प्रभावित
50 फीसदी कम होगा ज्वैलरी प्रोडेक्शन
इस बार अच्छी संख्या में लोग वोट देने के लिए पश्चिमी बंगाल जा रहे हैं। ये लोग 15 से 20 दिन के लिए जा रहे है। इससे ज्वैलरी प्रोडेक्शन 50 फीसदी कम हो जाएगा। इससे ऑर्डर की पूर्ति करने में देरी हो पाएगी।
- आलोक सौंखिया, अध्यक्ष, ज्वेलर्स एसोसिएशन जयपुर
जयपुर में 90 फीसदी ज्वेलरी निर्माण का काम बंगाली कारीगर करते हैं। इस बार अधिकतर लोग वोट देने के लिए जा रहे हैं। निर्माण कम होगा तो करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित होगा।
- हरीश केडिया, अध्यक्ष गोपालजी का रास्ता व्यापार मंडल
Updated on:
08 Apr 2026 12:00 pm
Published on:
08 Apr 2026 12:00 pm
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