
Rajasthan High Court
जयपुर. हाईकोर्ट ने बूंदी के पूर्व राजपरिवार की संपत्तियों को लेकर दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह को राहत देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, कहा किबूंदी के अधीनस्थ न्यायालयों के आदेशों पर किसी तरह के दखल की जरूरत नहीं है।
न्यायाधीश अनिल कुमार उपमन ने जितेन्द्र सिंह की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया। तथ्यों के अनुसार अविनाश चानना ने जितेन्द्र सिंह व अन्य के खिलाफ 2017 में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें कहा कि संपत्ति के मामले में उन्होंने अपने मामा रणजीत सिंह की वसीयत से छेड़छाड़ की। इस पर बूंदी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने प्रसंज्ञान लेकर जितेन्द्र सिंह व अन्य को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया। इसके खिलाफ निगरानी याचिका दायर होने पर बूंदी के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रसंज्ञान आदेश को बरकरार रखते हुए गिरफ्तारी वारंट को जमानती वारंट में बदल दिया। याचिकाकर्ताओं ने दोनों आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि मामला सिविल प्रकृति का है और संपत्ति को लेकर दावे लंबित हैं। ऐसे में दोनों अधीनस्थ अदालतों के आदेशों को रद्द किया जाए।
Updated on:
23 Mar 2024 02:35 am
Published on:
23 Mar 2024 02:35 am
