लापरवाही: हाईटेंशन लाइन के नीचे पृथ्वीराज नगर में नगर निगम में बना दी सड़क
जयपुर. नव विकसित इलाकों में नगर निगम विकास के नाम पर हादसे को अनजाने में दावत दे रहा है। राजनीतिक दबाव के चलते निगम उन इलाकों में सड़कें बना रहा हैं, जो उसकी सीमा में आती ही नहीं हैं। जबकि निगम के सीमा क्षेत्र की सड़कों का बुरा हाल है।
पृथ्वीराज नगर में तो नगर निगम ने हद ही पार कर दी। यहां तो हाईटेंशन लाइन के नीचे ही सीसी कई किमी की सड़क का निर्माण करा दिया। जबकि नियमों को देखेंग तो यह निर्माण नहीं कराया जा सकता। वैसे भी यहां पर सड़कें बनाने की जिम्मेदारी जेडीए की है। कुछ दिन पहले करणी पैलेस रोड पर हाईटेंशन लाइन के नीचे निगम सड़क बना चुका है, वहीं दूसरी का का तेजी से चल रहा है।
चुनाव जीतने की चिंता
सूत्रों की मानें तो नगर निगम के बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने से पहले सिविल लाइन्स जोन में करीब 36 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत हुए। इसमें से अधिकतर काम सड़कों के निर्माण के हैं। पृथ्वीराज नगर में कई कॉलोनियों का नियमन न होने से सड़कों का निर्माण अटका हुआ है। ऐसे में राजनीतिक दबाव के चलते नगर निगम ने यहां पर सड़कों का काम शुरू कर दिया। यहां नगर निगम की ओर से पिछले छह—सात माह से ही सड़कों के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
ये है नियम
132 केवी— हाईटेंशन लाइन के मध्य से दोनों ओर 13.60 मीटर का सेफ्टी कॉरिडोर छोड़ना होगा।
220 केवी— हाईटेंशन लाइन के मध्य से दोनों 18.60 मीटर का सेफ्टी कॉरिडोर छोड़ना होगा।
444 केवी— हाईटेंशन लाइन के मध्य से दोनों ओर 23.60 मीटर का सेफ्टी कॉरिडोर छोड़ना होगा।
इसके बाद 9—9 मीटर की ओर दोनों ओर सड़क का निर्माण कराए जाने का प्रावधान है।
—जिन इलाकों में नियमन हो चुका है। वहां पर जेडीए ने इसी के आधार पर सड़क का निर्माण कराया है। पृथ्वीराज नगर दक्षिण में कई जगह जेडीए ने सड़कें बनाईं हैं।
अधिकारी ही अंजान
इस बारे में जब नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अरुण गर्ग से पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में नहीं है। पृथ्वीराज नगर में तो सड़कों का काम जेडीए को कराना चाहिए। निगम का वहां से कोई लेना देना नहीं है।
वर्जन...
नियमों की जानकारी नहीं
यदि हाईटेंशन लाइन के नीचे से नगर निगम ने सड़क का निर्माण कराया तो उनको नियमों की जानकारी नहीं है। संबंधित अधिशाषी अभियंता को भेजकर मौका दिखवाता हूं। जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी करवाई जाएगी।
—एसके राजपूत, अधीक्षण अभियंता, सिटी सर्कल