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Jodhpur has got its First Electric Locomotive: रेलवे मंत्रालय ट्रेनों के संचालन और निर्माण में तरह-तरह के बदलाव कर रहा है, ये बदलाव पर्यावरण और प्रकृति दोनों को संरक्षित रखने के लिए किया जा रहा है। इस कड़ी में राजस्थान के जोधपुर को अपना पहला इलेक्ट्रिक इंजन मिल गया है। तीन और इंजन जल्द ही मिल जाएंगे। जोधपुर में भगत की कोठी स्थित डीजल शेड को रेलवे बोर्ड ने 4 इलेक्ट्रिक लोको आवंटित किए थे, जिसमें से एक भेज दिया गया है। अब यहां इलेक्ट्रिक लोको की मेंटेनेंस भी होगी। इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन से ना सिर्फ यात्री सुविधा में वृद्धि होगी बल्कि पश्चिमी राजस्थान में विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे
भारतीय रेलवे देश के रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफिकेशन करने जा रहा है। अब तक 82 फीसदी तक रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है। रेल नेटवर्क के इलेक्ट्रिफिकेशन होने से सबसे बड़ा लाभ पर्यावरण का होगा। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान अक्तूबर, 2022 तक भारतीय रेल ने 1223 रूट किलोमीटर के विद्युतीकरण का काम कर लिया है। वित्त वर्ष 2021-22 की समय अवधि के दौरान 895 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ था। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के आंकड़े से 36.64 फीसदी अधिक है।
भारतीय रेल ने अपने संपूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण की महत्वाकांक्षी योजना प्रारम्भ की है। इस योजना से न केवल बेहतर ईंधन ऊर्जा का उपयोग होगा, जिससे उत्पादन बढ़ेगा, ईंधन खर्च में कमी आएगी, जिससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। भारतीय रेल के इतिहास में 2021-22 के दौरान 6,366 रूट किलोमीटर का रिकॉर्ड विद्युतीकरण किया गया। इससे पहले, 2020-21 के दौरान सबसे अधिक विद्युतीकरण 6,015 रूट किलोमीटर का हुआ था। 31 अक्तूबर 2022 तक भारतीय रेल के ब्रॉडगेज नेटवर्क 65,141 रूट किलोमीटर (केआरसीएल सहित) में से 53,470 ब्रॉडगेज रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है, जो कुल ब्रॉडगेज नेटवर्क का 82.08 फीसदी है।
Published on:
27 Jan 2023 01:29 pm
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