
लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टक्कर देने के इरादे से वाराणसी पहुंचे राजस्थान निवासी श्याम रंगीला का नामांकन रद्द हो गया है। नामांकन जांच के बाद विभिन्न कारणों से उनके नामांकन को निर्वाचन अधिकारियों ने खारिज कर दिया।
रंगीला के नामांकन के दौरान सबसे ख़ास बात ये रही कि महज़ 24 घंटे के दौरान दो बड़ी खुशखबरियों पर एक बुरी खबर ने अचानक पानी फेर दिया।
दरअसल, वाराणसी लोकसभा सीट पर नामांकन के आखिरी दिन (14 मई) के आखिरी वक्त पर श्याम रंगीला नामांकन दाखिल करने में सफल रहे थे, जिसके बाद वे ख़ुशी और राहत की मुद्रा में कलक्ट्रेट परिसर से बाहर निकले थे।
वहीं इसके फ़ौरन बाद भारत चुनाव आयोग से अधिकृत और पंजीकृत आजाद अधिकार सेना ने उन्हें समर्थन देने का ऐलान भी किया। लेकिन कुछ ही पलों बाद नामांकन खारिज होने की खबर ने श्याम रंगीला के सभी अरमानों पर पानी फेर दिया।
नामांकन खारिज होने के बाद दी प्रतिक्रिया में श्याम रंगीला ने कहा कि मुझे वाराणसी से नहीं लड़ने देंगे, ये तय था जो अब साफ़ हो गया है। इससे दिल ज़रूर टूट गया है लेकिन हौसला नहीं टूटा है।
नामांकन खारिज होने के बाद श्याम रंगीला ने वाराणसी के स्थानीय प्रशासन और चुनाव अधिकारियों पर आरोप लगाए। उन्होंने अपने नामांकन के सभी आवश्यक दस्तावेज सही होने की दलील देते हुए आरोप लगाया कि लोकतंत्र में उन्हीं को लड़ने का अधिकार है जिन्हें आयोग चुनेगा।
Published on:
16 May 2024 10:11 am
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