
कब्रिस्तान के लिए सरकार से जमीन की मांग
कब्रिस्तान के लिए सरकार से जमीन की मांग
मुस्लिम शवों को दफनाने के लिए शहर में दो कब्रिस्तान
नाहरी का नाका व घाटगेट, जहां अब जगह कम पड़ रही है
मुस्लिम संस्थाओं की ओर से मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र
माैलाना अबुल कलाम आजाद फाउंडेशन व तहरीक उलेमा हिंद संस्था ने रखी मांग
शहर में मुस्लिम शवों को दफनाने के लिए जमीन की आ रही तंगी को देखते हुए कब्रिस्तान के लिए सरकार से जमीन की मांग रखी गई है। जिसके चलते मुस्लिम संस्थाओं की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया गया है। जिसमें मुस्लिम समाज काे आरक्षित दर कब्रिस्तान के लिए जमीन आवंटित करने की मांग की गई है। माैलाना अबुल कलाम आजाद फाउंडेशन के चेयरमैन हबीब गारनेट ने बताया कि मुस्लिम शवों को दफनाने के लिए शहर में दो कब्रिस्तान नाहरी का नाका व घाटगेट है, जहां अब जगह कम पड़ रही है। ऐसे में सरकार के समक्ष इस समस्या को रखा गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर जमीन की मांग रखी गई है।
गारनेट ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते इससे ग्रसित शवों के लिए इन्हीं कब्रिस्तानों में अलग जगह निश्चित कर उक्त शवों को दफनाया जा रहा है। जिसके चलते स्थान और सीमित हो गया है। ऐसे में नाहरी का नाका व घाटगेट की जमीन कम पड़ रही है। हमारी सरकार से मांग है कि शीघ्र कार्यवाही कर शवों को दफनाने के लिए मुस्लिम मौहल्ले के समीप ही भूमि चिन्हित व आरक्षित कर उसका आवंटन करने में अपनी महत्ती भूमिका का निर्वहन करेंं। उधर, तहरीक उलेमा हिंद के प्रदेश उपाध्यक्ष हाफिज मंजूर ने कहा कि जब से कोरोना वायरस ने राजधानी जयपुर में दस्तक दी है तब से कब्रिस्तान की हालत खराब हो रही है। ऐसे में मुस्लिम तंजीमों की ओर से सरकार को इस समस्या से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही हमारी मांगों को पूरा करेगी।
Updated on:
02 Jul 2020 07:45 pm
Published on:
02 Jul 2020 07:41 pm
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