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‘मुख्यमंत्री जी, लोग फोन कर करके शिकायतें कर रहे हैं, बाड़मेर-जैसलमेर में पानी पहुंचाइए’

प्रदेश में बढती गर्मी के साथ बढ़ने लगी पानी की किल्लत, रेगिस्तानी क्षेत्रों में पेयजल को लेकर आने लगी भारी समस्याएं, केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने मुख्यमंत्री का ध्यान किया आकर्षित, बाड़मेर-जैसलमेर में पानी को लेकर बन रही भयावह स्थिति की ओर दिलाया ध्यान, कहा- लोग फोन कर करके शिकायतें कर रहे हैं- जल्द करें समाधान, पानी की मांग के साथ आरोप भी लगाया और नसीहतें भी दे डाली  

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Kailash Choudhary demands water for Barmer Jaisalmer from CM Gehlot

जयपुर।

प्रदेश में बढती गर्मी के साथ ही पानी की मांग भी बढ़ने लगी है। खासतौर से सरहदी रेगिस्तानी इलाकों में पानी की किल्लत एक बार फिर सामने आने लगी है। नौबत ये आ गई है कि केंद्रीय मंत्री स्तर के नेता मुख्यमंत्री से पानी पहुंचाने की मांग करने लगे हैं।

लोग फोन करके शिकायतें कर रहे हैं, समाधान करें: चौधरी
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री व बाड़मेर-जैसलमेर सांसद कैलाश चौधरी ने अपने संसदीय क्षेत्र में पेयजल की किल्लत की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द लोगों को राहत पहुंचाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्र में पेयजल की भारी समस्याएं आ रही हैं। लगभग सम्पूर्ण क्षेत्र से लोग फोन द्वारा पेयजल कमी की शिकायतें कर रहे हैं।


‘पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है’
केंद्रीय मंत्री चौधरी ने कहा कि मुझे खेद है कि आम आदमी को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा। आज पीने के पानी के अभाव में हमारे किसानों को पशुधन की हानि हो रही है, इसके साथ ही एक परिवार को कई हज़ार रुपये प्रति महीना पानी के लिए ख़र्च करना पड़ रहा है। राज्य सरकार की संवेदनहीनता के कारण उनकी कोई मदद नहीं हो पा रही है।

पानी की मांग के साथ नसीहत भी
केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने मुख्यमंत्री गहलोत से पानी की मांग करने के साथ ही कुछ नसीहतें भी दे डाली। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि आप रेगिस्तान में पानी के अभाव में जीवन की कल्पना कीजिए, हमारा किसान कितना दुःखी है। सम्पूर्ण प्रदेश हमारा परिवार है और जनप्रतिनिधि होने के नाते हमारी इस परिवार के प्रति कुछ ज़िम्मेदारियाँ बनती है। आने वाली ग्रीष्म ऋतु में यह समस्या और गंभीर होने वाली है। लिहाजा इस पर जल्द संज्ञान लेते हुए जनता की पेयजल समस्या का समाधान किया जाए।