24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Video: जान तो छूटी, मगर जान जाने के बाद

उदयपुर.  पूर्बिया कॉलोनी में कालबेलिया परिवारों के अवैध कब्जों पर चलाया बुलडोजरभंवरलाल पूर्बिया की हत्या के बाद हट पाए कब्जेभंवरलाल ने खूब घिसी चप्पलें लेकिन जीते जी नहीं हुई थी सुनवाई

2 min read
Google source verification

image

jitendra saran

Nov 04, 2015

उदयपुर. मल्लतलाई स्थित पूर्बिया कॉलोनी में अवैध कब्जे कर रह रहे जो कालबेलिया परिवार वर्षों से परेशानी का सबब बने हुए थे, उनसे बुधवार को आखिरकार कॉलोनीवासियों की जान छूट गई। पूरे लवाजमे के साथ पहुंचे प्रशासन ने जेसीबी-बुलडोजर चलाकर इन परिवारों के अवैध कब्जे साफ कर दिए। लेकिन यह तब हो पाया, जब मंगलवार देर रात भंवरलाल पूर्बिया की हत्या हुई। भंवरलाल ने इस परेशानी को लेकर खूब चप्पलें घिसी लेकिन जीते जी कहीं सुनवाई नहीं हुई थी।
गौरतलब है कि मंगलवार देर रात पूर्बिया कॉलोनी निवासी अधिवक्ता गजेन्द्र पूर्बिया को कालबेलिया समाज के कुछ लोगों ने पकड़कर शराब के लिए 500 रुपए मांगे थे। मना करने पर घेरकर पीटा। गजेन्द्र के पिता भंवरलाल, मां प्रेमीदेवी व अन्य लोग आए तो आरोपितों ने लाठी-सरिये चलाए, शराब की बोतलें व पत्थर फेंके। इससे 7 जने घायल हो गए, भंवरलाल की मृत्यु हो गई। इससे कॉलोनी के लोगों में आक्रोश भड़क उठा, तब जाकर पुलिस-प्रशासन दौड़ा। बुधवार तड़के प्रशासन ने कालबेलिया परिवारों के झोपड़ों पर बुलडोजर व जेसीबी चला दी। हालांकि न्यायालय के स्टे के कारण एक निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
यंू साफ हुई बस्ती : भंवरलाल की हत्या की खबर पर रात को ही पूरा मोहल्ला एकत्र हो गया। भीड़ ने कालबेलिया परिवारों के झोपड़े फूंकने का प्रयास किया तो पुलिस-प्रशासन का दम फूल गया। समझाइश के बीच भीड़ कार्रवाई करने और सीआई को हटाने की मांग पर अड़ गई। इस दौरान उन्होंने एसपी व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। आक्रोश के मद्देनजर तड़के 4 बजे यूआईटी के अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। दल ने तड़के ही चार केलूपोश झोंपडि़यां ढहा दी।



नहीं उठाने दिया शव : अदालती स्टे का हवाला देते हुए बोटलनेक के पक्के निर्माण पर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। सुबह लोग उस निर्माण को भी हटाने की मांग पर अड़ गए और एमबी अस्पताल में मुर्दाघर के बाहर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने शव नहीं उठाने दिया। इस बीच आला अधिकारी, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीण खंडेलवाल, पूर्व अध्यक्ष भरत जोशी सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्टे का हवाला दिया तो भीड़ मौके की रिपोर्ट लाने पर अड़ गई। घंटेभर बाद अधिकारी रिपोर्ट लेकर पहुंचे, जिससे बार अध्यक्ष ने लोगों को अवगत कराया। उसके बाद लोगों ने शव उठाने दिया।
लगाई अस्थाई चौकी : दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में ही दाह संस्कार किया गया। अभी मौके पर एतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। अस्थाई चौकी भी लगाई गई है और सीआई के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।

बड़ी खबरें

View All

ट्रेंडिंग