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Kamika Ekadashi : कामिका एकादशी आज, भगवान विष्णु की आराधना दिलाती है पितृदोष से मुक्ति

Kamika Ekadashi 2023 : भगवान विष्णु की आराधना और दान-पुण्य के लिए खास सावन मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी गुरुवार को कामिका एकादशी के रूप में मनाई जाएगी।

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Kamika Ekadashi 2023 : भगवान विष्णु की आराधना और दान-पुण्य के लिए खास सावन मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी गुरुवार को कामिका एकादशी के रूप में मनाई जाएगी। इस मौके पर राजधानी में महिलाएं व अन्य श्रद्धालु भगवान विष्णु व तुलसी का पूजन कर निर्जला व्रत रखेंगे। मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाएंगी। गोविंद देव जी मंदिर में ठाकुर जी को लाल पोशाक पहनाई जाएगी।

गोपाल जी व रामगंज बाजार स्थित लाड़लीजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम होंगे। आनंदकृष्ण बिहारी मंदिर, अक्षयपात्र, इस्कॉन मंदिर, गोनेर स्थित लक्ष्मी जगदीश मंदिर पुरानी बस्ती स्थित राधा गोपीनाथ, चौड़ा रास्ता के राधा दामोदर जी, मदन गोपाल जी मंदिर व रामगंज बाजार स्थित लाड़लीजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम होंगे। सरस निकुंज में महंत अलबेली माधुरी शरण के सान्निध्य में ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार का अभिषेक कर ऋतु पुष्पों से श्रृंगार किया।

श्याम भजन की रहेगी बहार
श्यामसेवी संस्थाओं की ओर से भजन संध्या और सावन झूला महोत्सव का आयोजन होगा। रामगंज, कांवटियों का खुर्रा स्थित श्याम मंदिर में पं. लोकेश मिश्रा के सान्निध्य में श्याम प्रभु को विशेष श्रृंगार किया जाएगा। म्हारे घरां पधारो श्याम संस्था की ओर से अग्रवाल फार्म सेक्टर 113 के पार्क में झूला महोत्सव व श्याम भजन का कार्यक्रम होगा।

भगवान विष्णु के साथ होगी तुलसी की पूजा
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि भगवान विष्णु और शिव की आराधना के लिए कामिका एकादशी का विशेष महत्व है। साल की 24 एकादशी में खास इस एकादशी के दिन व्रत की कथा सुनना यज्ञ करने के समान है। यह एकादशी पितृदोष से भी मुक्ति दिलाती है। कामिका एकादशी पर अनाज का सेवन निषेध है। भगवान विष्णु के साथ तुलसी पूजा करने का भी विधान है। इस दिन भगवान विष्णु को मंजरी सहित तुलसी पत्र चढ़ाना चाहिए। यह माना जाता है कि यह तिथि सभी पापों को हर लेती है। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा के साथ ही तुलसी के पौधे का दान और शाम को दीपदान से विशेष फल मिलता है।

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