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कनकपुरा रेलवे स्टेशन का हाल: रोजाना 5 हजार से ज्यादा यात्रीभार, सुविधाएं शून्य

  गुजरती है 125 से ज्यादा ट्रेनें रूकती महज 18 ट्रेंन    

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जयपुर

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Ankit Dhaka

Feb 29, 2020

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Kidnapping Teenager abducted by Shaktipunj Express

जयपुर. यात्री सुविधाओं में लगातार विस्तार का रेलवे दावा करता रहा हैं, लेकिन राजधानी के कनकपुरा रेलवे स्टेशन के हालात देखकर यह दावा खोखला नजर आ रहा है। यहां से दिनभर 125 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती है लेकिन ठहरती मजह डेढ़ दर्जन ही ट्रेनें है। जिनमें अमूमन सवारी गाड़ी और साप्ताहिक ट्रेनें है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन आसपास की सैंकड़ों कॉलोनियों के लाखों लोगों से जुड़ा होने के बावजूद भी यहां यात्री सुविधाएं न के बराबर है। जबकि कम ट्रेनों के ठहराव के बावजूद भी रोजाना 4 से 5 हजार लोगों की यहां आवाजाही होती है। जयपुर जंक्शन से लगभग साढ़े आठ किलोमीटर दूर स्थित इस स्टेशन से शहर के पश्चिमी क्षेत्र की बड़ी आबादी जुड़ी है। यहां प्रतिदिन चलने वाली 4 एक्सप्रेस,2 डेमू और 3 सवारी का सवारी गाड़ी का ही ठहराव होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्टेशन पर सुविधाएं मिले तो आसपास 5 किलोमीटर की दूरी में बसे खातीपुरा समेत आसपास के लाखों लोगों को राहत मिल सकती है। जयपुर जंक्शन पर यात्रीभार भी कम होगा।

यो जरूरी है सुविधाओं में इजाफा
-स्टेशन के समीप बने वैशालीनगर, खातीपुरा, सिरसी, कनकपुरा, कालवाड़ रोड, झोटवाड़ा, बिंदायका, पांच्यावाला, भांकरोटा समेत घनी आबादी क्षेत्र है। यहां रहने वाले लोगों का बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और नागौर आदि क्षेत्रों से ज्यादा जुड़ाव है। इनको 14 से 18 किमी दूरी तय करके जयपुर जंक्शन जाना पड़ता है। ऐसे में यहां कुछ सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव व सुविधाओं में इजाफा हो तो जंक्शन पर भी भार कम होगा।

यह परेशानियां जिम्मेदारों को नहीं दिखती
- स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 2 पर तो शेड पूरा है लेकिन एक पर अधूरा है। यात्रियों को धूप और बारिश में परेशानी होती है। इसके अलावा प्लेटफार्म नंबर 2 पर शौचालय नहीं है। दोनों प्लेटफार्म के बीच 6 रेलवे ट्रैक है। इससे यात्रियों को एक नंबर प्लेटफार्म पर आने में भी परेशानी होती है। इसके अलावा यहां रेलवे ओवरब्रिज पर एस्केलेटर नहीं होने से बुजुर्ग व महिलाओं को सामन लेकर चढऩे-उतरने में भी काफी दिक्कत होती है। इस वजह से ज्यादातर लोग पटरी पार करते नजर आते है।

पटरियों पर दौड़ते नजर आते यात्री
- हालत इतने बदतर है कि स्टेशन पर न तो डिब्बे के डिसप्ले बॉक्स लगे है और ना ही कोई अनाउंसमेंट सिस्टम। जंक्शन पर प्लेटफार्म पर जगह नहीं होने या अन्य किसी कारणवश कई बार यहां ट्रेन को रोक देते है। इस स्थिति में पहले से निर्धारित ट्रेनों के प्लेटफार्म में अचानक परिवर्तन हो जाता है। इस बीच यहां अनाउंसमेंट सिस्टम नहीं होने यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है तो कई पटरियों के बीच दौड़ लगाते नजर आते है। यहां कई बार हादसे हो चुके, इसके बावजूद भी जिम्मेदार अंजान है।

रामभरोसे यात्रियों की सुरक्षा
- एक ओर जहां रेलवे प्रशासन सैकड़ों स्टेशनों पर वीडियो सर्विलांस सिस्टम लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। यहां न तो कोई स्कैनर मशीन है ना कोई सुरक्षा के कड़े इंतजाम है। दिनभर में सैकड़ों ट्रेनों की आवाजाही के बाद भी यह हाल है।

यह बोले लोग
-शहर के नजदीक बसे इस स्टेशन पर लीलन एक्सप्रेस, हनुमागढ़ सुपरफास्ट, जोधपुर इंदौर समेत कई गाडिय़ों का ठहराव जरूरी है। इनके रूकने से यहां यात्रीभार बढ़ेगा और आसपास बसे लोगों को राहत मिलेगी।
-मोहन लाल कुमावत, यात्री

कनकपुरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को कई सुविधाएं नहीं मिल रही है, जबकि छोटे-छोटे स्टेशन को विकसित किया जा रहा है। जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है।
अर्जुन लाल, स्थानीय निवासी