22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bus Strike: राजस्थान में आज थमे रहेंगे निजी बसों के पहिए, स्लीपर बसें रहेंगी चालू, सीज कार्रवाई और भारी जुर्माने से भड़के ऑपरेटर

Rajasthan Bus Strike: राजस्थान में निजी बस ऑपरेटर्स के विभिन्न संगठनों की ओर से शनिवार को एक दिवसीय बसों की हड़ताल की जाएगी। हड़ताल के दौरान प्रदेश में करीब 40 हजार निजी बसों का चक्काजाम रहेगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Arvind Rao

•

Updated: 24 Jan 2026, 7:27 AM IST

Rajasthan Private Bus Strike

Rajasthan Private Bus Strike (Patrika Photo)

Rajasthan Private Bus Strike: राजस्थान में निजी बस सेवाएं 24 जनवरी को पूरी तरह ठप रहेंगी। राज्य के बस ऑपरेटरों ने परिवहन विभाग पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और मोटर वाहन अधिनियम के विरुद्ध कार्रवाई करने के आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी हड़ताल का एलान किया है।

राजस्थान बस संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण साहू के आह्वान पर होने वाली इस हड़ताल के दौरान प्रदेशभर में निजी बसों के पहिए थमे रहेंगे। हालांकि, स्लीपर कोच बसों को हड़ताल से अलग रखा गया है।

संघ के प्रदेश प्रवक्ता जगदीश चंद्र ओझा ने शुक्रवार को बताया कि परिवहन आयुक्त द्वारा राज्य के व्यावसायिक वाहनों, खासकर निजी बस संचालकों पर लगातार अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोटर वाहन अधिनियम में किसी प्रकार का प्रावधान नहीं होने के बावजूद निजी बसों के गलत चालान काटे जा रहे हैं। साथ ही परिवहन अधिकारियों को अवैध लक्ष्य दिए जा रहे हैं, जिन्हें पूरा नहीं करने पर उनकी आईडी तक बंद कर दी जाती है।

ओझा ने यह भी कहा कि रूट पर चल रही बसों से यात्रियों को बीच रास्ते में उतार दिया जाना बेहद अमानवीय और नियमों के खिलाफ है। स्टेज कैरिज बसों में जंगला और सीढ़ी लगे होने का स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद जबरन इन्हें हटवाया जा रहा है और कई मामलों में वाहनों को सीज कर दिया जाता है, जिससे बस ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बस ऑपरेटर सोसायटी राजस्थान के अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा केंद्र सरकार की नीति के विपरीत बसों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी के विरोध में बस ऑपरेटर प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस हड़ताल को प्रदेश के सभी बस ऑपरेटर संगठनों का समर्थन प्राप्त है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हड़ताल के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।