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PICS: गरमाई राजनीति के बीच ‘मोर्चा’ संभालने कर्नाटक पहुंचे गहलोत, संगीन आरोपों से जूझ रही है पार्टी

Karnataka Assembly Election 2018:

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ashok gehlot Karnataka

जयपुर।

कर्नाटक में 9 हजार से भी ज्यादा वोटर आईडी कार्ड बरामद होने के बाद राजनीति गरमाई हुई है। इस बीच कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वहां पहुंच गए हैं। राजधानी बेंगलुरु पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनके प्रशंसकों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया। गहलोत ऐसे समय में कर्नाटक पहुंचे हैं जब वहां चुनाव से ऐन पहले राजनीति उफान पर है। साथ ही कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं पर कई संगीन आरोप लग रहे हैं।

वोटर आईडी कार्ड मिलने से गरमाई हुई है सियासत
दरअसल, बेंगलुरु शहर के जालहल्ली इलाके में मंगलवार को करीब 10 हजार मतदाता पहचान पत्र बरामद हुए थे। इसके बाद से ही कांग्रेस और भाजपा की ओर से आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो गया। दोनों ही पार्टियों ने संवाददाता सम्मेलन कर एक-दूसरे पर निशाना साधा। वहीं चुनाव आयोग ने भी देर रात संवाददाता सम्मलेन बुलाकर स्थिति साफ की।

भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए हैं ये आरोप
भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर और अनंत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनाव आयोग को मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच करानी चाहिए। दोनों नेताओं ने कहा कि चुनाव हारने के डर से कांग्रेस इस तरह का हथकंडा अपना रही है।

दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग से धन और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए बादामी और चामुंडेश्वरी में विशेष चौकसी बरतने और विशेष पर्यवेक्षकों को तैनात करने की मांग की है। इन दोनों क्षेत्रों से मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या चुनाव लड़ रहे हैं और सोमवार रात चुनाव आयोग ने बादामी के एक रिजार्ट पर छापा भी मारा था।

भाजपा ने की चुनाव रद्द करने की मांग
भाजपा ने राजराजेश्वरी नगर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव रद्द करने की मांग की है। जबकि कांग्रेस ने इसे भाजपा की साजिश करार दिया।

... इधर कांग्रेस बोली- भाजपा ने हार के डर से रचा पूरा ड्रामा
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मामले को लेकर आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा पर जवाबी प्रहार करते हुए इस पूरे मामले को भाजपा का षड्यंत्र करार दिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने ही उस फ्लैट पर कथित छापा मारा, जो भाजपा की ही एक पूर्व पार्षद मंजुला के नाम पर है, जिसने अपने दत्तक पुत्र राकेश को यह फ्लैट लीज पर दिया था। उन्होंने कहा कि राकेश भी साल 2015 में भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा और हार गया।

सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा ने मध्य रात्रि का ड्रामा रचकर इस पूरे घटनाक्रम को इस तरह पेश करने की कोशिश की, मानो इसका कांग्रेस से संबंध है। जबकि सच्चाई यह है कि ये तमाम नकली कार्ड और पूरे नकली सबूत भाजपा के लोगों ने ही प्लांट किए।

उन्होंने भाजपा के नेताओं पर हार के डर से यह षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भाजपा कर्नाटक में अपनी हार को देखते हुए ऐसी हरकतों पर उतर आई है। भाजपा के नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए।

चुनाव अधिकारी ने दी ये सफाई
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी संजीव कुमार ने रात 11.30 बजे जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जालहल्ली के एक अपार्टमेंट से 9746 मतदाता पहचान पत्र बरामद हुए हैं। मौके से पांच लैपटॉप और एक प्रिंटर भी बरामद हुआ। इसके साथ ही दो बड़े इस्पात के ट्रंक से नए मतदाताओं के नाम जोडऩे के लिए उपयोग होने वाले फार्म-6 की पावती रसीद भी मिली। इनकी संख्या करीब एक लाख होने का अनुमान है। हालांकि, ये फार्म अलग किस्म के हैं। चुनाव आयोग के फार्म में आवेदन संख्या दर्ज नहीं होता है। प्रथम दृष्टया बरामद पहचान पत्र वास्तविक मतदाताओं के प्रतीत होते हैं।

उन्होंने कहा कि राजराजेश्वरी नगर में 4,35,439 मतदाता हैं, जिनमें से 75.30 फीसदी के पास मतदाता पहचान पत्र है। पिछले विशेष अभियान के दौरान 25,825 मतदाताओं के नाम जोड़े गए और निरंतर प्रक्रिया के दौरान 19,012 नाम जोड़े गए जबकि 8817 मतदाताओं के नाम हटाए गए।

उन्होंने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के साथ ही आगे की जांच जारी रहेगी। मतदाता पहचान पत्र बरामद होने की जानकारी मिलने के बाद कुमार के साथ जिला चुनाव अधिकारी महेश्वर राव, नगर पुलिस आयुक्त टी सुनील कुमार और चुनाव आयोग के तीन पर्यवेक्षकों ने मौके का मुआयना किया। कुमार ने कहा कि जांच के बाद चुनाव आयोग समुचित निर्णय करेगा।