23 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Khatu Shyam Lakkhi Mela: जयपुर-सीकर हाईवे से खाटूधाम जाने वाले श्रद्धालु बेहाल, हर कदम पर हादसे का खतरा

Khatu Shyam Lakkhi Mela: सरकार ने पिछले वर्ष हरमाड़ा से खाटूधाम तक कच्चा पाथ-वे तैयार करवाकर खूब वाहवाही लूटी थी। लेकिन इस बार हालात बिल्कुल उलट हैं।

2 min read
Google source verification
Khatu-Shyam-Mela

खाटू श्यामजी मेला। पत्रिका फाइल फोटो

Khatu Shyam Lakkhi Mela: जयपुर। जयपुर-सीकर हाईवे पर खाटूधाम जाने वाले श्यामभक्तों की पदयात्रा इन दिनों चरम पर है। लाखों श्रद्धालु लक्खी मेले में शामिल होने के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं। सरकार ने पिछले वर्ष हरमाड़ा से खाटूधाम तक कच्चा पाथ-वे तैयार करवाकर खूब वाहवाही लूटी थी।

उस समय इसे भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया था। लेकिन इस बार 21 से 28 फरवरी तक आयोजित हो रहे मेले में हालात बिल्कुल उलट हैं। हरमाड़ा से चौमूं तक पाथ-वे की सुध तक नहीं ली गई है, जिससे भक्तों को परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार जयपुर-सीकर रोड पर बाईं ओर बनाया गया यह पाथ-वे मिट्टी का था, जिस पर चलना भक्तों के लिए अपेक्षाकृत आसान रहता था। लेकिन रखरखाव के अभाव में यह जगह-जगह टूट चुका है।

कई हिस्सों पर होटल, ढाबा और दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। राजावास पुलिया के पास तो सर्विस रोड पर गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे भक्तों को कीचड़ में से होकर गुजरना पड़ रहा है। यही नहीं, मोठू का वास, रामपुरा डाबड़ी और राजावास जैसे स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे बदबू फैल रही है।

पदयात्रियों को वाहनों के बीच से निकलना पड़ रहा

भक्तों का कहना है कि सरकार ने पिछले साल पाथ-वे को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन इस बार न तो सफाई की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के इंतजाम। पदयात्रियों को हाईवे पर वाहनों के बीच से निकलना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। कई श्रद्धालु बताते हैं कि रात के समय अंधेरे में पैदल चलना बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है।

जगह-जगह अतिक्रमण और गंदगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने पाथ-वे की मरम्मत और सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया। जगह-जगह अतिक्रमण और गंदगी ने भक्तों की यात्रा को कठिन बना दिया है। वहीं, समाजसेवी संगठनों ने स्वयंसेवकों के जरिए पानी और नाश्ते की व्यवस्था कर राहत देने की कोशिश की है, लेकिन मूल समस्या का समाधान प्रशासनिक स्तर पर ही संभव है।

सरकार की तैयारियों पर खड़े हो रहे सवाल

खाटूश्यामजी का लक्खी मेला देशभर से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऐसे में पाथ-वे की दुर्दशा न केवल भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचा रही है, बल्कि सरकार की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर रही है। भक्तों का कहना है कि यदि समय रहते पाथ-वे की मरम्मत और सफाई हो जाती तो यात्रा कहीं अधिक सुरक्षित और सुखद होती।