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PICS: पिता राज्यवर्धन के नक़्शे कदम पर बेटा मानवादित्य, राजस्थान की झोली में डाला ‘स्वर्ण’

Khelo India 2019: पिता राज्यवर्धन के नक़्शे कदम पर बेटा मानवादित्य, राजस्थान की झोली में डाला 'स्वर्ण'- देखें तस्वीरें

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Khelo India 2019: Rajyavardhan Rathore son Manavaditya gold shooting

जयपुर।

कहते हैं कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते है। यह कहावत केन्द्रीय सूचना एंव प्रसारण राज्य मंत्री राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के बेटे मानवादित्य सिंह राठौड़ पर बिलकुल फिट बैठती है। मानवादित्य ने अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मेडल्स अपने नाम किये हैं। खिताब जीतने का सिलसिला पुणे में चल रहे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में भी बरकरार रहा। मानवादित्य ने शनिवार को निशानेबाजी के अंडर-21 ट्रैप मुकाबले में स्वर्ण पदक हासिल करते हुए अपनी काबिलियत का लोहा एक बार फिर से मनवा दिया है। गौरतलब है कि मानवादित्य के पिता हालिया मोदी सरकार में खेल मंत्री हैं और पूर्व में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज़ भी रह चुके हैं। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ देश को ओलंपिक में रजत पदक सहित कई उपलब्धियां भी दिलवा चुके हैं।

ऐसे जीता मानवादित्य ने गोल्ड
केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के बेटे मानवादित्य सिंह राठौड़ ने दूसरे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में निशानेबाजी के अंडर-21 ट्रैप मुकाबले में पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। पुणे के शिव छत्रपति स्टेडियम स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में 2004 एथेंस ओलंपिक के डबल ट्रैप रजत विजेता और मौजूदा केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के बेटे मानवादित्य ने राजस्थान की ओर से खेलते हुए 39 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता।

उन्होंने अपनी जीत के बाद कहा, ''ऐसे समय आपके पास सिर्फ दो विकल्प रहते हैं या तो हथियार डाल दो या संघर्ष करो। मैंने संघर्ष किया, अपनी गलतियां दूर कीं और स्वर्ण पदक जीत लिया।''

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इसी चैम्पियनशिप में हरियाणा के भावनीश मेंदीरत्ता को 34 अंकों के साथ रजत और उत्तर प्रदेश के शार्दुल विहान को 26 अंक के साथ कांस्य पदक मिला।

19 साल के मानवादित्य क्वालिफाइंग में 125 में 116 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर थे। जबरदस्त दबाव वाले फाइनल में मानवादित्य ने पहले 10 में से पांच निशाने ही मार गिराए लेकिन अगले 10 में से 9 निशाने साधकर वह तीसरे स्थान पर पहुंच गए।