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किरोड़ी लाल मीणा ने ममता भूपेश के घर पहुंच कर दिया 15 मई तक का अल्टीमेटम

दुष्कर्म पीड़िता बालिका के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए राज्यसभा सदस्य डॉ. किरोड़ी लाल मीणा मंगलवार को मंत्री ममता भूपेश के आवास पर पहुंच गए।

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MP Dr. Kirori Lal Meena suddenly reached SMS Hospital

MP Dr. Kirori Lal Meena suddenly reached SMS Hospital

जयपुर। दुष्कर्म पीड़िता बालिका के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए राज्यसभा सदस्य डॉ. किरोड़ी लाल मीणा मंगलवार को मंत्री ममता भूपेश के आवास पर पहुंच गए। किरोड़ी लाल मीणा मंत्री के आवास पर पहुंचे तब ममता भूपेश सचिवालय में मौजूद थी, लेकिन जैसे ही उन्हें इस बारे में जानकारी मिली तो वह सचिवालय से लौट गई। उसके बाद मंत्री ममता भूपेश ने किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात की। ममता भूपेश ने मीणा को ससम्मान बिठाया और उनके साथ भोजन किया। ममता भूपेश ने कहा कि मैं पार्टी राजनीति से परे डॉक्टर साहब का सम्मान करती हूं।

भोजन पर साथ बैठे हुए दोनों नेताओं ने बात की। इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने ममता भूपेश को पूरी बात बताई। मीणा का कहना है कि नाबालिग दलित बच्ची के परिजनों को लेकर मैं ममता भूपेश के सरकारी आवास पर पहुंचा हूं। जब तक इस दलित बच्ची के परिजनों को न्याय नहीं मिलेगा। मैं यहीं पर ममता भूपेश के आवास पर धरने पर बैठा रहूंगा। इस पूरे प्रकरण में कुछ दिन पूर्व राम नगरिया थाना अधिकारी को निलम्बित किया है। पर बच्ची को न्याय चाहिए जो इस सिस्टम की शिकार हुई है। जब किरोड़ी लाल मीणा, मंत्री ममता भूपेश के सरकारी आवास पर पहुंचे तब पुलिसकर्मी भी सरकारी आवास के आसपास पहुंच गए। मीणा ने मंत्री के सामने चार मांगें रखी है और 15 मई तक का समय दिया है।

इससे पहले हाल ही में किरोड़ी लाल मीणा अचानक सिविल लाइंस क्षेत्र पहुंच गए थे। किरोड़ी लाल मीणा पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह से मिलने उनके आवास पर जाने लगे तो पुलिसकर्मियों ने बेरिकेड्स लगाकर रोक लिया। इस पर नाराज हुए मीणा ने विश्वेन्द्र सिंह के मोबाइल पर फोन किया और चेतावनी दी कि उन्हें इस तरह से रोका गया तो वह जबरन मुख्यमंत्री निवास और कार्यालय में प्रवेश करेंगे। इस पर खुद विश्वेन्द्र सिंह पैदल चलकर मीणा को लेने बेरिकेड्स के पास पहुंचे और आवास तक लेकर आए। पुलिसकर्मियों की इस हरकत पर किरोड़ी लाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार बार-बार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ना दे रही है। आखिर एक जनप्रतिनिधि को रोकने का क्या औचित्य है। मीणा की नाराजगी पर विश्वेन्द्र सिंह ने पुलिसकर्मियों से कहा, वह सांसद और वरिष्ठ नेता हैं। मीणा कोई आतंकी नहीं है। पुलिस को उनसे इतना डरने की क्या जरूरत है। विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि यहां पुलिस की छावनी बना दी गई है, जो गलत है।