27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

किरोडीलाल मीणा ने मंत्री राजेन्द्र गुढा के घर पर दिया धरना

रीट पेपर लेकर आ रहे कंटेनर के ड्राईवर की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीना ने आज मुख्य सचिव उषा शर्मा से मुलाक़ात की।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rahul Singh

Feb 11, 2022

jaipur

राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा

जयपुर। रीट पेपर लेकर आ रहे कंटेनर के ड्राईवर की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीना ने आज मुख्य सचिव उषा शर्मा से मुलाक़ात की। उन्होंने मुख्य सचिव उषा शर्मा को मांग पत्र सौंपा। इसके बाद डॉक्टर किरोडी लाल मीणा पीड़िता को लेकर पीड़िता के स्थानीय विधायक एवं मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा के निवास पर पहुँचे ओर पीड़िता के साथ धरने पर बैठ गए।

डॉक्टर मीणा ने धरने पर कहा कि वे पहले मुख्य सचिव उषा शर्मा से मिले तो उन्होंने सिर्फ़ आश्वासन दिया है। आश्वासन से काम चलने वाला नहीं है। जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा। मै यहीं धरने पर बैठा रहूंगा। बाद में मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा मौक़े पर पीड़िता से मिले ओर मुख्य सचिव शर्मा से बात की और मंत्री गुढा ने कहा कि वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात करेंगे और कहा कि इस पीड़िता को न्याय मिलना ही चाहिए। मेरे विधानसभा क्षेत्र की भी है। डॉक्टर किरोडी लाल मीणा पीड़िता के साथ रात तक राजेंद्र गुढ़ा के आवास पर धरने पर बैठे हुए थे।

पुलिस ने झूठ बोला—
पीडिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे पर मेरे पति के कंटेनर पलटने का कारण पुलिस ने सड़क पर आवारा मवेशी आना बताया, लेकिन यह झूठ है। उन्होंने कहा कि सच बात तो यह है कि पति की षडयंत्रपूर्वक और सुनियोजित हत्या की गई है। जो पति अपनी अर्धांगिनी के हित के लिए भी अपना ईमान ना बेचे, उसने रीट पेपर लीक करने पर आमादा माफियाओं के सामने निश्चय ही घुटने नहीं टेके होंगे। उन्होेंने आरोप लगाया कि रीट पेपर लीक वाले माफियाओं ने पेपर पाने के तमाम प्रयास विफल होने के बाद मेरे पति की षडयंत्र पूर्वक हत्या कर कंटेनर में रखे पेपरों को हासिल कर करोड़ो रुपए में बेचने के अपने मंसूबे पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार मेरे पति को कंटेनर चलाने ले गया था उसने भी इस दुःख की घड़ी में किराए की राशि भी मुझे उपलब्ध नहीं कराई थी।