
किरोड़ी लाल मीना और शिवराज सिंह चौहान (पत्रिका फाइल फोटो)
Rajasthan News: राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की नकली खाद और बीज के खिलाफ छापेमारी की चर्चा अब दिल्ली तक पहुंच गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभियान की सराहना करते हुए बड़ा ऐलान किया है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि राजस्थान में किरोड़ी लाल मीणा की तरह जिस तरह छापेमारी हो रही है, वह सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि नकली खाद और बीज बेचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए सख्त कानून बनाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि किसानों को नकली खाद-बीज की पहचान करने में सक्षम बनाने के लिए विशेष उपकरण विकसित किए जाने चाहिए।
शिवराज सिंह चौहान ने देश में कृषि उत्पादकता की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमारी उत्पादकता इतनी कम क्यों है, यह समझ से परे है। तकनीक और प्रबंधन का लाभ मिलने के बावजूद परिणाम अपेक्षित नहीं हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार नकली खाद और बीज के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके लिए 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के तहत 2,170 टीमों ने 1.35 करोड़ किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को समझा और समाधान सुझाए।
किरोड़ी लाल मीणा ने केंद्रीय मंत्री चौहान के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि आदरणीय शिवराज सिंह चौहान जी आपके इस बेबाक बयान से राजस्थान में अमानक बीज, खाद व कीटनाशक के खिलाफ चल रहा अभियान और अधिक सशक्त होगा। किसानों को साथ दगा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह सुखद है कि इसके लिए कड़ा कानून तैयार हो रहा है। मैंने भी यही मांग की थी।
आगे उन्होंने कहा कि अमानक बीज, खाद व कीटनाशक बनाना और बेचना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के किसानों की आय को दोगुनी करने के संकल्प को असफल करने की गहरी साजिश का हिस्सा है। इसमें शामिल हर चेहरे को बेनकाब करना जरूरी है ताकि किसान भाइयों को गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद व कीटनाशक मिल सके।
इधर, राजस्थान में किरोड़ी लाल मीणा का नकली खाद और बीज के खिलाफ अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है। अजमेर के किशनगढ़, बीकानेर, उदयपुर और श्रीगंगानगर में उनकी अगुवाई में कई छापेमारी की गईं, जहां हजारों टन नकली खाद जब्त की गई। किशनगढ़ में 13 फर्टिलाइजर कंपनियों के लाइसेंस को 14 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। तय समय में जवाब न देने पर इनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द हो सकते हैं।
डॉ. मीणा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि हर क्षेत्र में कड़ी नजर रखी जाए और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। अब तक 11 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
Published on:
27 Jun 2025 07:11 pm
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