
- गैर ऋणी किसानों के लिए ‘एग्रीस्टेक फार्मर आईडी’ अनिवार्य
- बैंकों और जन सेवा केंद्रों को दिए स्पष्ट निर्देश
जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अब पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक के लिए कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने योजना के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में गैर ऋणी किसानों के बीमा आवेदन के लिए ‘एग्रीस्टेक फार्मर आईडी’ अनिवार्य कर दी है। अब कोई भी ई-मित्र संचालक, सीएससी या अन्य व्यवस्थापक किसी दूसरे किसान की भूमि का बीमा बंटाईदार के शपथ पत्र के आधार पर नहीं करवा सकेगा। यह नियम 8 जुलाई 2025 से प्रभावी माना जा रहा है।
बैंकों और जन सेवा केंद्रों को निर्देश
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के बाद राजस्थान कृषि आयुक्तालय ने बैंकों और जन सेवा केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एनसीआईपी पोर्टल पर बीमा आवेदन करते समय केवल उन्हीं किसानों की फसल बीमित की जाए जिनकी ‘एग्रीस्टेक फार्मर आईडी’ पोर्टल पर सीड हो चुकी हो। यदि किसी किसान की यह आईडी अभी तक नहीं बनी है तो उसे पहले एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा अन्यथा उसका बीमा आवेदन मान्य नहीं होगा।
यह होंगे इसके फायदे
1-फसल बीमा में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक।
2-केवल असली कृषकों को मिलेगा योजना का लाभ।
3-बंटाईदार या दूसरे की जमीन का गलत बीमा कराना अब नामुमकिन।
4-ई-मित्र और दलालों की मनमानी पर लगेगी लगाम।
किसानों से विभागीय अपील
संयुक्त निदेशक कृषि महेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि पारदर्शी और लक्ष्य आधारित कृषि सहायता की दिशा में सुधार के लिए सरकार ने यह कदम उठाए हैं। गैर ऋणी किसान जल्द से जल्द एग्रीस्टेक फार्मर आईडी बनवाएं ताकि समय रहते फसल बीमा का लाभ उठाया जा सके।
Published on:
21 Jul 2025 11:48 am
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