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ये हैं जयपुर के 67 लोगों का कातिल, जानिए कितना खतरनाक है?

वो शख्स आज भी जिंदा है जो जयपुर बम धमाकों का गुनाहगार है। वह गुनाहगार है इंडियन मुजाहिदीन का सरगना यासीन भटकल है। उसे 8 साल बाद भी सजा नही हो सकी।

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Abhishek Pareek

May 13, 2016

Jaipur Blast Yasin

13 मई 2008 का दिन जयपुर समेत पूरे राजस्थान के लिए एक काला दिन बन कर आया। एक के बाद एक 7 धमाकों से पूरा शहर थर्रा उठा। चारों ओर तबाही का मंजर, जिसे याद कर आज भी जयपुरवासी कांप उठते हैं। धमाकों में जाने वाले चले गए और जो लोग बचे वो भी मौत से बदतर जिंदगी जीने को मजबूर है। इन सब के बीच वो शख्स आज भी जिंदा है जो इसका गुनाहगार है। वह गुनाहगार है इंडियन मुजाहिदीन का सरगना यासीन भटकल है। उसे 8 साल बाद भी सजा नही हो सकी। (बता दें कि आज (13 मई 2016) को जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट की 8वीं बरसी है। इसी क्रम में हम आपको उस शख्स के बारे में बता रहे हैं, जिसकी वजह से सैकड़ों जिंदगियां बर्बाद हो गई।)

क्या हुआ था 13 मई 2008 को?

13 मई 2008 को जयपुर में चांदपोल से लेकर सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर तक सात सीरियल ब्लास्ट हुए, जिनमें 67 लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हुए। जिन स्थानों पर विस्फोट हुए उनमें मानक चौक, लक्ष्मी मिष्ठान्न भंडार, हनुमान मंदिर, चांदपोल तथा त्रिपोलिया बाजार में शामिल हैं। भयानक सीरियल ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच के लाख वायदे किए लेकिन 8 साल बाद भी घटना को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड को आज तक सजा नहीं मिल सकी है।

खुद ली थी हमले की जिम्मेदारी

जयपुर सीरियल ब्लास्ट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। यहीं नहीं सबूत के तौर पर कोतवाली थाने के बाहर रखे बम का वीडियो भी जारी किया था। यासीन भटकल इसी आतंकी संगठन का संस्थापक है।

कौन है यासीन भटकल?

यासीन भटकल आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का फाउंडर मेंबर है। यासीन का जन्म 1983 में कर्नाटक के तटीय शहर भटकल में हुआ था। यासीन को मोहम्मद अहमद सिद्धीबप्पा के नाम से भी जाना जाता है। उसकी पढ़ाई अंजुमन हामी-ए-मुस्लमीन मदरसे में हुई। इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) की स्थापना से पहले यासीन भटकल सिमी का सक्रिय सदस्य था। यासीन भटकल को गोरखपुर में सोनौली से सटे नेपाल बॉर्डर के पास से पकड़ा गया। बताया गया कि वह अपने भाई रियाज भटकल से मिलने नेपाल गया था।

भेष बदलने और बम बनाने में हासिल है महारथ

कहा जाता है कि यासीन भटकल भेष बदल कर खुद को छुपाने में, बम बनाने तथा स्लीपर सेल तैयार करने में माहिर है। एक बार उसे कोलकाता पुलिस ने जाली नोटों के केस में पकड़ा था। तब यासीन ने अपना नाम पुलिस को शाहरुख बताया था। बाद में पुलिस को पता लगा कि यह तो यासीन भटकल था। भटकल का ससुराल दिल्‍ली में है और उसने यहां हथियारों की एक फैक्‍ट्री भी लगाई थी, जिसका भंडाफोड़ हो गया था।

कम से कम 10 आतंकी हमलों में शामिल रहा है भटकल

12 राज्यों की आतंक निरोधी एजेंसियों की चार्जशीट के मुताबिक भटकल देश भर में जर्मन बेकरी सहित कम से कम 10 आतंकी हमलों में शामिल रहा है। वह दिल्ली के बाजारों में हुए सीरियल ब्लास्ट का भी मास्टरमाइंड था। वह मुंबई लोकल, बैंगलोर, जयपुर, वाराणसी, सूरत में हुए बम धमाके का भी आरोपी है। उस पर अपने तीन साथियों के साथ मिलकर 13 जुलाई, 2011 को मुंबई के ओपेरा हाउस, जावेरी बजार और दादर पश्चिम में हुए तीन सिलसिलेवार बम धमाकों को अंजाम देने का भी आरोप है, जिसमें 27 लोगों की मौत हुई और 130 लोग घायल हो गए थे।

अभी कहां हैं यासीन भटकल?

भारत-नेपाल बॉर्डर पर गिरफ्तार हुआ आतंकी यासीन भटकल फिलहाल हैदराबाद जेल में बंद है। पिछले साल एक खबर आई थी, जिसके मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन का पूर्व सरगना और खतरनाक आतंकी यासीन भटकल जेल से भागने की योजना बना रहा है। एक अखबार के मुताबिक ये सनसनीखेज खुलासा एक फोन कॉल से हुआ है। जेल से हुई इस बातचीत को जब इंटरसेप्ट किया गया तो ये खुलासा हुआ कि यासीन भटकल जेल से भागने की फिराक में है। दरअसल यासीन ने जेल से अपनी पत्नी को फोन कर ये बात कही कि वो जेल से फरार हो जाएगा और इस काम में उसकी मदद दुनिया का सबसे खूखांर आतंकी संगठन आईएस कर रहा है।


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