
शर्मनाक! लालच के फेर में हरे पेड़ों की चढ़ रही बलि, सरकार मौन, विरोध में उतरे ग्रामीण
जयपुर। एक ओर सरकार हरियाली बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर प्रदेशभर में अधिक से अधिक पौधरोपण पर जोर दे रही है। वहीं दूसरी ओर सीकर के मूंडरू कस्बे की ग्राम पंचायत बागरियावास की रातली जोहड़ी स्थित जंगलायत में हरे पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। जानकारी अनुसार रातली जोहड़ी में करीब तीस बीघा गौचर भूमि में हरे पेड़ लगे हैं। हरिसिंह मंगावा, रामनारायण मंगावा, गोपाल चोटिया,राजू पीपलवा,शंकर पूनिया सहित दर्जनभर ग्रामीणों का कहना है कि जंगलायत में हरे पेड़ो की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीण पेड़ काटे जाने की कई बार प्रशासन को लिखित में सूचना दे चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कारवाई नहीं हुई। हरिसिंह मंगावा ने आरोप लगाया कि बावरियों के सैकड़ों परिवारों ने गौचर भूमि पर मकान बनाकर अतिक्रमण कर रखा है। सरपंच से लेकर जिला कलक्टर तक को कई बार लिखित में शिकायत दी जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। ग्रामीणों ने बुधवार को जोहड़ी में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए क्षेत्र में पेड़ों का होना बहुत जरूरी है। पेड़ों से ही हरियाली रहती है। पेड़ों को बचाने के लिए प्रयासरत हैं, फिर भी सरकारी कारिंदे ही साथ नहीं दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने से प्रदर्शन को मजबूर होना पड़ रहा है। यहीं कारण है कि आज सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए श्रीमाधोपुर सड़क मार्ग पर पत्थर डालकर सड़क जाम किया गया।
इनका कहना है -
ग्रामीणों ने रातली जोहड़ी में पेड़ काटे जाने की पुलिस तथा तहसीलदार को लिखित में शिकायत देकर कारवाई की मांग की है। भैरूलाल मीणा -सरपंच
बागरियावास ग्रामीणों ने पेड़ काटे जाने की शिकायत दी है। पटवारी व गिरदावर को मौके पर भेजकर मामले की रिपोर्ट मांगी है। शुक्रवार को मौका देखकर कारवाई की जाएगी।
-सुमन चौधरी तहसीलदार श्रीमाधोपुर
Published on:
22 Aug 2018 01:31 pm
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