
फाइल फोटो पत्रिका
Krishna Janmashtami : कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को पूरे राजस्थान में मनाई जाएगी। जन्माष्टमी (16 अगस्त) नजदीक आते ही शहर के मंदिरों, बाजारों और घरों में भक्ति और उत्साह का नजारा देखते ही बन रहा है। लड्डू गोपाल के स्वागत की तैयारियां जारी है। कहीं रत्न जड़ित झूले चमक रहे हैं, तो कहीं सुनहरी बांसुरी और रंग-बिरंगे वस्त्र मन मोह रहे हैं। इस बार डिजाइनर और थीम-बेस्ड सजावट की डिमांड सबसे अधिक है। घरों के मंदिर में विराजे भगवान लड्डू गोपाल के शृंगार के लिए बाजारों में खरीदारी भी परवान पर है। पोशाक से लेकर लकड़ी चांदी के झूले भी खास है। श्रद्धालु बाल गोपाल के वस्त्र, बांसुरी, शृंगार सामग्री और झूले सहित अन्य सामान की खरीदारी में जुटे हैं। गोविंददेव जी मंदिर समेत चारदीवारी, इस्कॉन मंदिर, अक्षयपात्र, अक्षरधाम मंदिर में विभिन्न दुकानों पर खरीदारी जोरों पर है।
स्कूलों में होने वाली फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के लिए राधा-रानी, नंद बाबा, बलराम, कंस और गोपियों के साथ ही कृष्ण के बाल स्वरूप के सभी सामान मुकुट, बाजूबंद, ज्वैलरी और बांसुरी भी ड्रेस के साथ उपलब्ध है। इसके लिए प्रतिदिन के हिसाब से किराया लिया जा रहा है।
गोविंददेव जी मंदिर स्थित पोशाक के व्यापारी सुधा अग्रवाल और प्रशांत ने कहा कि भगवान के झूले, सिंहासन, फूल बंगला तथा वृंदावन की पोशाकें, आभूषण कृष्ण भक्तों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वृंदावन से मंगाई ठाकुर जी की ड्रेस, जयपुर के विशेष चांदी के झूलों की मांग सबसे अधिक है। इसके साथ ही राजस्थानी, गुजराती ड्रेस भी आर्डर से मंगवाई जा रही है। इसके अलावा वृंदावन, नाथद्वारा की पोशाक की भी सबसे ज्यादा मांग है।
1- 500 से लेकर 20 हजार रुपए तक के झूले।
2- 100 से लेकर तीन हजार रुपए तक की लड्डू गोपाल की रत्न जड़ित पोशाक सहित अन्य सजावटी सामान।
इस बार भी जन्माष्टमी पर्व का बेसब्री से इंतजार है। कान्हाजी के लिए झूला सजाने से लेकर पोशाक की खरीदारी कर चुकी हूं। भगवान लडडू गोपाल हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं।
शिवाली शर्मा, चांदपोल
कान्हा के लिए खुद रंगोली बनाने के लिए फूलों का मंडप तैयार करुंगी। पर्व से पहले ही मन आत्मिक शांति से भर जाता है। खास माखन मिश्री का भोग भी तैयार होगा।
निधि दाधीच, मालवीय नगर
Updated on:
11 Aug 2025 09:49 am
Published on:
11 Aug 2025 09:49 am
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