
दिनेश मोरीजावाला/कोटपूतली। कोटपूतली क्षेत्र के भालोजी गांव के किसान देवकरण यादव पिछले पांच माह से रोजाना 5 से 6 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन कर ग्रिड को भेज रहे हैं। यह बिजली कुसुम योजना के तहत खेत में लगे देश के पहले सोलर प्लांट में बन रही है। रोज एक मेगावाट बिजली उत्पादन का यह प्लांट 25 साल तक 3.14 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली देगा। यादव इससे प्रतिमाह 4 लाख रुपए कमा रहे हैं। इस योजना में उनके डॉक्टर पुत्र अमित यादव व भतीजे शिवदत्त यादव ने पहल कर 4 करोड़ की लागत से यह प्लांट अनुपयोगी और बंजर भूमि पर लगाने में सहयोग किया। गौरतलब है कि इसके बाद प्रदेश में 6 और संयंत्र शुरू हो गए हैं।
प्रतिदिन 5 से 6 हजार यूनिट का उत्पादन
एक मेगावॉट के सोलर प्लांट से प्रति घंटा एक हजार यूनिट का उत्पादन होता है। पूरे दिन में सोलर प्लांट 6 से 7 घंटे कार्य करता है। यहां एक दिन में 5 से 6 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। 6 बीघा जमीन पर प्लांट में 3400 सोलर प्लेट लगी हैं। एक प्लेट की क्षमता 330 वॉट है।
2.5 किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन बिछाई
सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली गोरधनपुरा ग्रिड को उपलब्ध कराने के लिए प्लांट से ग्रिड तक 2.5 किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन बिछाई गई। उत्पादित ऊर्जा को डीसी से एसी में कनवर्ट करने के लिए 4 इन्वर्टर लगे हुए हैं। प्रत्येक की क्षमता 250 किलोवॉट है। एक अप्रेल 2021 को प्लांट विद्युत ग्रिड के साथ जुड़ गया।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने एवं किसान की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है। कुसुम योजना के अन्तर्गत देश में पहला प्रोजेक्ट है, जो सभी के लिए नजीर साबित हो रहा है। इससे अन्य लोगों को भी जोड़ा जा रहा है।
सुबोध अग्रवाल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम
Published on:
04 Sept 2021 04:40 pm
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