
Hawamahal Bazar: सैलानियों से गुलजार लपकों ने बना दिया बेजार
हवामहल मार्केट जयपुर के प्रसिद्ध और सबसे पुराने बाजारों में से एक है। यह बाजार किसी वस्तु विशेष की खरीदारी के लिए ना होकर फुटकर बाजार है। इसके आसपास प्रमुख पर्यटन स्थल होने से दिनभर पर्यटकों की आवाजाही के कारण बाजार की रौनक देखते बनती है। इस बाजार में विश्व विख्यात हवामहल होने से इसकों हवामहल बाजार के नाम से जाना जाता है। हवा महल की खिड़कियों के माध्यम से बाजार की खुबसूरती देखी जा सकती है। करीब 250 वर्ष पुराने इस बाजार में विशेषतोर पर जयपुरी रजाई, जयपुरी जूतियां, चमड़े के उत्पाद, हस्त निर्मित वस्तुएं , ब्लॉक प्रिंटिंग, आतिशबाजी, कठपुतलियों और खान-पान की करीब 160 अलग-अलग दुकानें हैं।
ये है आकर्षण...
बाजार के दक्षिण में बड़ी चौपड़ तो उत्तर में चांदी की टकसाल तक फैला हुआ है। सिटी पैलेस का पूर्वी द्वार सिरह ढ्योडी भी इसी बाजार में खुलता है। ध्वजाधीश गणेश, कल्की जी मंदिर, रामचंद्रजी का मंदिर, काले हनुमानजी मंदिर, गोविंद देवजी मंदिर, रामप्रकाश, हवा महल, सवाई मान सिंह टाउन हॉल, खवास जी की हवेली इस बाजार को खास बनाते हैं। जयपुर बसावट के समय बाजार की सडक़ की चौड़ाई 104 फीट रखी गई थी।
ये समस्याएं जिनका चाहते हैं समाधान
ई-रिक्शा, ट्रैफिक जाम और लपकों से निजात मिले। बाजार में एक भी पब्लिक टॉयलेट नहीं है और यहां पार्किंग मुख्य समस्या है। पर्यटक वाहन जलेब चौक में पार्क करने के बजाय सडक़ या फुटपाथ पर पार्क कर देते है जिसे पैदल चलने वालों को परेशानी होती है। पुलिस-प्रशासन को व्यापार मंडल के साथ सामंजस्य स्थापित कर व्यापारियों और पर्यटकों को आ रही परेशानियों का समाधान करना चाहिए।
इन सुझावों पर हो अमल
अन्य बाजारों की तरह पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित हो
हवामहल के 50 मीटर के दायरे में वाहन रोकने या पार्क करने पर रोक लगे
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन पुलिस तैनात हो
व्यापारियों के सहयोग से पर्यटन स्थलों जागरूकता एवं सुरक्षा अभियान चलाया जाए
व्यापारियों के सुझाव व सहयोग से समस्याओं का समाधान हो
बंदर और भिखारियों का आतंक
बाजार में भिखारियों की भरमार है और ये यहां आने वाले पर्यटकों को परेशान करते है। पैसा देने के बाद ही भिखारी इनका पीछा छोड़ते हैं। इसके कारण यहां घूमने आने वाले पर्यटकों के बीच जयपुर की छवि अच्छी नहीं जाती। बाजार में बंदरों खौफ रहता है। बंदर कब आकर किसकों काट ले हमेशा डर बना रहता है।
जाम से मुक्ति मिले
शाम को बाजार की हालात बद से बदतर हो जाते हैं। वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारणअक्सर जाम रहता है। कई वाहन चालक तेज गति के साथ दूसरे वाहनों को ओवर टेक करते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। वहीं बेतरतीब ई-रिक्शा पार्किंग के कारण यातायात बाधित होता है।
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पर्यटन पुलिस तैनात हो
बाजार में आने वाले पर्यटकों पर जबरन सामान खरीदारी करने का दबाव बनाने वाले लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही बाजार में पर्यटन पुलिस तैनात होनी चाहिए जिससे इस तरह की गतिविधियों पर रोक लग सके।
अतुल गांधी, अध्यक्ष, हवामहल बाजार व्यापार मण्डल
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अतिक्रमण मुक्त हो फुटपाथ
कुछ दुकानदारों ने फुटपाथ पर सामान रखकर व दोपहिया वाहनों की पार्किंग कर अस्थाई अतिक्रमण कर रखा है। जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को काफी परेशानी होती है। निगम प्रशासन को फुटपाथों से अस्थाई अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए।
सुरेश हसनानी, सचिव
Published on:
08 Jun 2022 09:56 am
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