
जयपुर . पाकिस्तान से आए विस्थापितों को भूखंड आवंटन के लिए सरकार ने नीति जारी कर दी है। इसमें भारतीय नागरिकता वाले पाक विस्थापितों को भूखंड आवंटन के प्रावधान तय किए हैं।
ऐसे विस्थापितों के पास भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होगा। इन्हें 60 मीटर से 100 मीटर तक के भूखंड आवंटित किए जा सकेंगे। इनकी आवंटन दर भूखंड के क्षेत्रफल के आधार पर होगी, जो आरक्षित दर की 25 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत राशि तक होगी। खास यह है कि इन्हें ईडब्ल्यूएस व एलआइजी श्रेणी में माना गया है। नगरीय विकास विभाग ने गुरुवार को नीति जारी कर दी है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने सरकार से इस मामले में प्रावधान स्पष्ट करने के लिए मार्गदर्शन मांगा था।
सुविधा नहीं, तब तक आवंटन निरस्त नहीं
प्राधिकरण, न्यास को ऐसे आवेदकों के लिए अलग से स्कीम तैयार करनी होगी। यहां भूखंड आवंटन के तीन वर्ष के भीतर निर्माण करना अनिवार्य होगा, अन्यथा आवंटन निरस्त होगा। यह तभी प्रभावी होगा, जब वहां मूलभूत सुविधाएं विकसित हो जाएंगी। इसमें सड़क, सीवर, पेजयल, विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। प्राधिकरण, न्यास बाह्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराते तब तक आवंटन निरस्त नहीं हो सकता।
स्पष्ट प्रावधान नहीं
पाक विस्थापितों को भूखंड आवंटन किए जाते रहे हैं लेकिन प्राधिकरण व न्यास अपने स्तर पर आवंटन की शर्तें तय करते रहे। इससे आवंटन प्रक्रिया व शर्त में भिन्नता सामने आई। जयपुर विकास प्राधिकरण के पास आवंटन के कई मामले लंबित हैं। इसके बाद ही सरकार ने नीति जारी की।
जरूरी पात्रता
- संबंधित कलक्टर की ओर से विस्थापित परिवार के सदस्यों के पास भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र होगा।
- नागरिकता प्रमाण पत्र वाले जिले की बजाय दूसरे जिले में भूखंड लेने की स्थिति में मुखिया को प्रमाण पत्र देना होगा कि वह उस जिले में कम से कम दो वर्ष से निवास कर रहा है।
- राज्य में कहीं भी भूखंड-आवास आवंटित न हुआ हो।
Published on:
11 May 2018 03:54 pm
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