
chandra grahan
जयपुर। सदी का सबसे लम्बी अवधि का चंद्रग्रहण कल रात को होगा। यह साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण होगा। ग्रहण शुक्रवार रात 11:54 से शुरू होकर रात 3:49 बजे खत्म होगा। 3.55 घंटे लंबे इस ग्रहण का सूतक दोपहर 2.54 बजे से ही लग जाएगा। इससे पहले 31 जनवरी को चंद्रग्रहण था। इसकी अवधि 3:24 घंटे थी। इस बार गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है। गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण का संयोग 17 साल बाद आ रहा है। इस दिन सूतक लगने से पहले मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। दिनभर सत्संग कीर्तन का दौर चलेगा।
इन जगहों पर दिखेगा ग्रहण
ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री के अनुसार आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन रात 11:54 बजे से ग्रहण का स्पर्श शुरू होगा। एक बजे से खग्रास प्रारंभ हो जाएगा। रात्रि 1:52 बजे ग्रहण मध्य में आएगा। रात 2:44 बजे खग्रास समाप्त होगा और रात 3:49 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। ग्रहण के दौरान दान—पुण्य, मंत्र जाप, रामधुनि करनी चाहिए। ग्रहण भारत सहित कई देशों में दिखाई देगा। भारत के साथ साथ ग्रहण एशिया महाद्वीप आस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका, दक्षिणी—उत्तरी अमरिका, हिन्द महासागर, व पेसिफिक महासागर में दिखाई देगा।
चंद्रग्रहण का फल
पंडित अमित पाराशर के अनुसार यह चंद्रग्रहण उतराषाढ़ व श्रवण नक्षत्र एवं मकर राशि में हो रहा है। इन नक्षत्रों में जन्मे जातकों के लिए अशुभ फलप्रद होगा। शेष राशियों में मेष, सिंह, वृश्चिक, व मीन राशि के लोगों के लिए श्रेष्ठप्रद रहेगा। वृष कन्या, व धनु राशिवालों के लिए मध्यम फलप्रद रहेगा। मिथुन, तुला मकर व कुंभ राशि के जातकों के लिए नेष्ट फलप्रद रहेगा। अशुभ नक्षत्र व राशिवालों के साथ गर्भवती महिलाओं को भी ग्रहण का दर्शन नहीं करना चाहिए। ग्रहण के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए लोग ग्रहण के समय भगवन शिव की आराधना कर अनुकूल प्रभाव बना सकते है। चंद्रग्रहण का गोचर के अनुसार अलग-अलग प्रभाव होता है। चंद्रग्रहण पर सभी को दान पुण्य करना चाहिए इसका अधिक लाभ मिलता है।
ग्रहण में यह ना करें
चंद्र ग्रहण के समय भोजन आदि नहीं करना चाहिए। वहीं शुभ कार्य भी नहीं करने चाहिए। जितने समय चंद्र ग्रहण रहे उस समय भगवान की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इस दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बाहर ना निकले। सुई और नुकीली चीजों का उपयोग भी नहीं करना चाहिए।
Published on:
26 Jul 2018 01:49 pm
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