
जयपुर.
राजस्थान रोडवेज बस स्टैैंड फीस चुकता करने के बावजूद एक महीना बीत जाने पर भी लोक परिवहन सेवा बसें नहीं चलाई गईं। समय से संचालन शुरू नहीं होने पर कोर्ट ने रोडवेज प्रबंधन को फटकारा भी..
आज कोर्ट में फिर सुनवाई
गुरुवार को बसों के संचालन को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई। बात नहीं बनी तो शुक्रवार को फिर सुनवाई को कहा गया। वहीं, रोडवेजकर्मी आज कोर्ट के निर्देश के बाद अपनी रणनीति तय करेंगे।
यह है मामला: क्यों हो रही लापरवाही?
परिवहन विभाग ने रोडवेज बसों के रूट पर लोक परिवहन सेवा बसों के संचालन के लिए करीब 450 बसों को परमिट जारी किए हैं। लोक परिवहन सेवा बस ऑपरेटरों ने बीते माह करीब एक दर्जन रूटों पर बसों का संचालन जयपुर केंद्रीय बस स्टैंड सिंधी कैंप से शुरू करने के लिए प्रति बस स्टैंड फीस का भुगतान रोडवेज प्रशासन को किया और बीते छह अक्टूबर से बसों का संचालन शुरू करने की कार्रवाई की। वहीं, दूसरी ओर रोडवेज कर्मचारी संगठनों के जबरदस्त विरोध के चलते बस स्टैंड से लोक परिवहन सेवा बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका।
परिवहन मंत्री ने यह कहा था
परिवहन मंत्री यूनूस खान ने रोडवेज कर्मचारी संगठनों से वार्ता कर रोडवेज बस स्टैंड से लोक परिवहन बसों के संचालन का मामला एक महीने तक टालते हुए सात नवंबर को संगठनों से वार्ता के बाद मामले में निर्णय लेने की बात कही। लोक परिवहन सेवा बस ऑपरेटरों की ओर से कोर्ट में दायर याचिका पर गुरूवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने रोडवेज प्रबंधन को फटकार लगाते हुए रोडवेज बस स्टैंड से बसों का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को फिलहाल रोडवेज बस स्टैंड से लोक परिवहन सेवा बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर रोडवेज कर्मचारी संगठनों ने रोडवेज बस स्टैंडों से लोक परिवहन सेवा बसों का संचालन नहीं करने देने के लिए आरपार की लड़ाई लडऩे का ऐलान कर दिया है। इंटक अध्यक्ष एमएल यादव ने बताया कि शुक्रवार को प्रदेशभर के किसी भी रोडवेज स्टैंड से लोक परिवहन सेवा बसों का संचालन नहीं हो सका है। आज कोर्ट के आदेशों के अनुसार आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
Published on:
04 Nov 2016 01:21 pm
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