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पाकिस्तान खुफिया एजेंसी से जुड़े लॉरेंस गैंग के तार, ऐसे आया पाक के संपर्क में

लॉरेंस गैंग और उससे जुड़ी अन्य गैंग के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। गैंग पर पाकिस्तान से तस्करी कर हथियार मंगवाने का आरोप है।

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। लॉरेंस गैंग और उससे जुड़ी अन्य गैंग के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। गैंग पर पाकिस्तान से तस्करी कर हथियार मंगवाने का आरोप है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस संबंध में पहले से सिंडिकेट की जांच करने में जुटी है। वहीं जयपुर कमिश्नरेट की गिरफ्त में चल रहे गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई से केन्द्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम जवाहर सर्कल थाने में एक घंटे तक पूछताछ करके गई। क केन्द्रीय इंटेलिजेंस टीम ने गैंग के पाकिस्तान व अन्य देश में बैठे गिरोह के गुर्गों के संबंध में पूछताछ की।

गौर करने वाली बात है कि एनआईए, केन्द्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो के साथ पंजाब, हरियाणा और राजस्थान पुलिस लॉरेंस गैंग पर शिकंजा कसे हुए है। इसके बावजूद जेल में बैठे गैंग के सरगना और गुर्गों के पास मोबाइल पहुंच रहे हैं। डेढ़ वर्ष पहले तिहाड़ जेल में से गैंगस्टर लॉरेंस ने जयपुर के एक व्यापारी को धमकी दी थी, तब भी पुलिस ने गैंगस्टर को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक कई मामलों में आईएसआई की ओर से टारगेट तय किए जाते थे। जेल में या बाहर रह रहे गैंगस्टर को टारगेट की जानकारी दी जाती थी।

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक आईएसआई तक पहुंचने का रास्ता लॉरेंस का दोस्त हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा संधू बना। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रिंदा संधू पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करता था। वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सरगना वाधवा सिंह और जर्मनी में रहने वाले जसविंदर सिंह मुल्तानी से भी जुड़ा हुआ था। उसने लॉरेंस विश्नोई को टारगेट किलिंग में लगाया।