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विजय शर्मा / जयपुर. जगतपुरा स्थित आरटीओ कार्यालय की चूक का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। आरटीओ ने अमान्य ड्राइविंग स्कूलों के सॉफ्टवेयर लॉक नहीं किए। ऐसे में ये स्कूल लोगों को बेरोकटोक लर्निंग लाइसेंस जारी कर रहे हैं। इसके बाद लोग स्थाई लाइसेंस बनवाने आरटीओ पहुंच रहे हैं तो वहां लर्निंग लाइसेंस को फर्जी बताया जा रहा है।
आरटीओ में ऐसे 5-6 मामले रोजाना आ रहे हैं। समय और धन खर्च कर लर्निंग लाइसेंस बनवाने के एक महीने बाद लोग आरटीओ कार्यालय पहुंच रहे हैं लेकिन उनके आवेदन अस्वीकार किए जा रहे हैं। पिछले दिनों में ऐसे कई लोग वापस ड्राइविंग स्कूलों के पास पहुंचे लेकिन हल नहीं निकला।
लाइसेंस पर लिख दिया, ड्राइविंग स्कूल सस्पेंड
- केस-01 : आमेर निवासी विक्कीकुमार मीणा ने ड्राइविंग स्कूल के जरिए लर्निंग लाइसेंस बनवाया। बाद में जगतपुरा कार्यालय में स्थाई लाइसेंस के लिए आवेदन किया तो संबंधित कार्मिक ने उसके लर्निंग लाइसेंस पर लिख दिया, ड्राइविंग स्कूल सस्पेंड है।
- केस-02 : चाकसू निवासी रामफूल गुर्जर को ड्राइविंग स्कूल ने लर्निंग लाइसेंस तैयार कर दिया लेकिन आरटीओ कार्यालय ने उसे फर्जी बता दिया। रामफूल से कहा गया कि उक्त ड्राइविंग स्कूल सस्पेंड हो चुका है।
मतलब निगरानी नहीं?
इस प्रकरण से जाहिर हो रहा है कि राजधानी में ड्राइविंग स्कूलों पर आरटीओ अधिकारियों की निगरानी नहीं है। न तो मान्य स्कूलों की नियमित जांच की जा रही है, न ही अमान्य के सॉफ्टवेयर तुरंत लॉक कर कार्रवाई की जा रही है।
जितने मान्य, उनसे दोगुने तो अमान्य
- 151 ड्राइविंग स्कूल चल रहे हैं शहर में
- 350 से अधिक स्कूलों का हो रहा अवैध संचालन
- 35 से अधिक स्कूल हो चुके हैं अमान्य
- 01 दर्जन से अधिक स्कूल अवधिपार
- 06 महीने में स्कूलों की जांच करने का है प्रावधान
कई शिकायतें आई हैं। लोगों की परेशानी के मद्देनजर जगतपुरा आरटीओ कार्यालय में को कहा है कि ऐसा मामला आए तो लाइसेंस बना दें। ऐसे ड्राइविंग स्कूलों पर कार्रवाई कर रहे हैं।
- राजेन्द्र वर्मा, आरटीओ, जयपुर
Published on:
09 Mar 2019 10:51 pm
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