
Leopard Protection में देश के मिसाल बना वन विभाग
लेपर्ड संरक्षण के लिए दो सालों में 28 करोड़ रुपए के कार्य हुए
जयपुर। लेपर्ड संरक्षण में प्रदेश का वन विभाग देश भर के लिए मिसाल बना है। इनके संरक्षण पर दो सालों में 28 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख डॉ. डीएन पाण्डेय ने बताया कि झालाना आमागढ़, कुम्भलगढ़ रावली टाडगढ़, जयसमन्द, शेरगढ़ ;बांरा माउंट आबू, खेतड़ी बांसियाल, जवाई बांध एवं बस्सी व सीतामाता अभयारण्य क्षेत्रों को प्रोजेक्ट लेपर्ड में शामिल कर विशेष प्रबंधन किया जा रहा है। इनके विकास के लिए ग्रास लैंड विकसित करने, चारदीवारी निर्माण विलायती बबूल को हटाना, पर्यावरण सुधार और पानी की व्यवस्था इत्यादि कार्य के लिण् केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष 2020 में करीब 9 करोड़ और वर्ष 2021 में करीब 19 करोड़ रुपए की कुल 28 करोड़ राशि के कार्य हुए हैं।
डॉ. पांडेय ने बताया कि बाघों की मॉनिटरिंग के लिए अपनाई जा रही पद्धति को लेपर्ड रिजर्व में भी लागू किया जा रहा है। जिसमें एम.स्टाइप्स मोबाइल एप्लीकेशन, कैमरा ट्रैप इत्यादि से मॉनिटरिंग की जा रही है और इसके लिए उपकरण खरीद कर इन क्षेत्रों के कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने बताया कि लेपर्ड रिजर्व में प्रे.बैस बढ़ाने के लिए चिडिय़ाघरों में अधिशेष प्रजातियों हिरण इत्यादि को छोड़े जाने के कार्य की अनुमति के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। कुंभलगढ़ रावली टाडगढ़ क्षेत्र में एनक्लोजर बना दिया गया है तथा खेतड़ी बांसियाल, जयसमन्द, बस्सी व सीतामाता में पर्यटन प्रोत्साहन की कार्यवाही आरंभ की जा रही है। झालाना आमागढ़, जवाई बांध क्षेत्र में पर्यटन संरचना विकसित हो गई है और माउंट आबू अभयारण्य में पर्यटन संरचना विकसित की जा रही है। शेरगढ़ और जयसमंद में भी पर्यटन सुविधा आरम्भ की जा रही है।
Published on:
11 Feb 2022 09:32 pm
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