
जयपुर। लेफ्टिनेंट जनरल पी एस मन्हास ने शुक्रवार को कोणार्क कोर की कमान संभाल ली है। लेफ्टिनेंट जनरल पी एस मन्हास मध्य भारत हार्स में कमीशन हुए थे। चार दशकों के अपने सेवा करियर के दौरान, उन्होंने भारत और विदेशों में प्रतिष्ठित कमांड, स्टाफ और प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवायें प्रदान की हैं। सैन्य पृष्ठभूमि से आए लेफ्टिनेंट जनरल मन्हास भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘स्वार्ड ऑफ ऑनर‘ प्राप्त कर चुके हैं।
अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा के कामेंग सेक्टर में फ्रंटलाइन/सेंसिटिव ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर के रूप में काम किया है। अपने उत्कृष्ट करियर में एक आर्मर्ड ब्रिगेड और एक आर्मर्ड डिवीजन की कमान संभाली है। इजराइली सीमा पर लेबनान में संयुक्त राष्ट्र बल के साथ सेवा की है और वाशिंगटन डीसी में प्रतिष्ठित नेशनल वार कॉलेज कोर्स में भाग लिया है। भारत में रक्षा और सामरिक अध्ययन में एमएससी और मैरीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका से राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में एमएससी है।
इससे पहले वह मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग थे। इसमें मध्य भारत के छह राज्य आते हैं। कोरोना-19 महामारी के दौरान मध्यभारत क्षेत्र का उनका संचालन वास्तव में सराहनीय है। कोणार्क कोर की कमान संभालने पर, उन्होंने सैन्यवाद के उत्कृष्ट स्तर को प्राप्त करने के लिए सभी रैंको को युद्ध तत्परता और यथार्थवादी प्रशिक्षण के साथ परिचालन संबंधी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने का समर्थन किया। इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल कोणार्क कोर की कमान संभाल रहे थे।
Published on:
12 Feb 2021 03:30 pm
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