22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिलीगुड़ी में दहाडेंग़े गुजरात के शेर

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में प्रदेश की पहली शेर सफारी शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। नॉर्थ बंगाल वाइल्ड एनिमल पार्क में गुजरात के शेरों की दहाड़ सुनी जाएगी। राज्य के वन विभाग ने इस आशय का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। पार्क में पहले से ही टाइगर सफारी है।

2 min read
Google source verification
Video Lion Day : शेरों के संरक्षण-संवर्धन में स्थानीय लोगों का योगदान

Video Lion Day : शेरों के संरक्षण-संवर्धन में स्थानीय लोगों का योगदान

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में प्रदेश की पहली शेर सफारी शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। नॉर्थ बंगाल वाइल्ड एनिमल पार्क में गुजरात के शेरों की दहाड़ सुनी जाएगी। राज्य के वन विभाग ने इस आशय का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। पार्क में पहले से ही टाइगर सफारी है। राज्य चिडिय़ाघर प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, लॉयन सफारी का मास्टर प्लान पहले ही तैयार किया जा चुका है। विभाग इस महीने के अंत तक केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण से संपर्क कर शेर सफारी शुरू करने के लिए आवश्यक अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। विभाग के अधिकारी के मुताबिक अनुमति मिलने के बाद पार्क जानवरों के आदान-प्रदान कार्यक्रम के जरिए अन्य चिडिय़ाघरों से शेरों को लाने की कोशिश करेगा। अभी पार्क में कुछ जंगली जानवर ज्यादा हैं। उनके बदले शेर लाए जाएंगे।

20 सीटर बसों से सफारी

वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित शेर सफारी में कम से कम दो जोड़े शेर और शेरनी होंगे। पर्यटकों के लिए सुरक्षित सफारी का विस्तार करीब 20 हेक्टेयर में होगा। पर्यटक विशेष रूप से डिजायन की गई 20 सीटर बसों में सफारी का आनंद ले सकेंगे।

योजना पर किया जा रहा काम

राज्य के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बताया कि वन विभाग उत्तर बंगाल में राज्य की पहली शेर सफारी शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। सभी आवश्यक अनुमति मिलने के बाद जल्द ही सफारी का आनंद लिया जा सकेगा।

वर्ष 2016 में शुरू किया है पार्क

नॉर्थ बंगाल वाइल्ड एनिमल पार्क वर्ष 2016 में शुरू किया गया था। अभी यहां 11 बंगाल टाइगर हैं। पार्क की टाइगर सफारी पर्यटकों में खासी लोकप्रिय है। टाइगर सफारी 20 हेक्टेयर में फैली हुई है।

बाघ प्रजनन केन्द्र की भी तैयारी

वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक पार्क में बाघ प्रजनन और संरक्षण केंद्र बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण को इस संबंध में भी एक प्रस्ताव जल्द भेजा जाएगा। इसके साथ ही विभाग उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के बक्सा टाइगर रिजर्व और पड़ोसी कूचबिहार जिले के पातालखावा में एक सींग वाले गैंडे में बाघों को फिर से बसाने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी काम कर रहा है।