
एलएलबी व सीए एग्जाम : परीक्षाओं के टकराने से असमंजस में विद्यार्थी
जयपुर। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की एलएलबी और द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की सीए परीक्षाओं की तिथि आपस में टकराने से विद्यार्थी उलझन में फंस गए हैं। कुछ विद्यार्थियों को दोनों में से एक परीक्षा छोडऩी करनी पड़ेगी। जेएनवीयू की एलएलबी की परीक्षाएं 20 नवंबर से शुरू हो रही है। आईसीएआई भी साल भर बाद 21 नवंबर से सीए परीक्षाएं करवा रहा है। एलएलबी करने वाले कई छात्र-छात्राएं सीए की तैयारी भी करते हैं। दोनों परीक्षा तिथियां आमने सामने आने से परीक्षार्थी असमंजस में हैं।
इधर, जेएनवीयू प्रशासन का कहना है कि वैसे विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कोविड-19 की स्थिति सामान्य होने पर दोबारा आयोजित परीक्षा में भाग ले सकते हैं। अगर परीक्षा के केवल दो-तीन प्रश्न पत्र की तिथि ही टकरा रही है तो छात्र छात्राओं की लिखित शिकायत पर उसे बदल भी दिया जाएगा। जेएनवीयू को हाल ही में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के कारण भी एलएलबी की परीक्षाएं आगे सरकानी पड़ी थी।
वंचित बाद में दे सकते हैं परीक्षा
जेएनवीयू अभी स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के साथ-साथ समस्त प्रोफेशनल कोर्स एलएलबी, बीएड, फार्मेसी की परीक्षाएं करवा रहा है। विश्वविद्यालय ने कोविड-19 सहित अन्य कारणों से परीक्षा देने से वंचित रह रहे छात्र छात्राओं को दो-तीन महीने बाद दोबारा होने वाली परीक्षा में बैठने का भी विकल्प दिया है। अभी चल रही परीक्षाओं में अगर कोई विद्यार्थी नहीं बैठता हैं तो उसे फेल नहीं किया जाएगा।
इनका कहना है
अगर दो-तीन प्रश्न पत्र की तिथि टकरा रही है तो उसे छात्रों की लिाित शिकायत पर बदल भी सकते हैं अन्यथा छात्र छात्राएं बाद में होने वाली परीक्षा में भी बैठ सकते हैं। परीक्षा नहीं देने पर उन्हें फेल नहीं किया जाएगा।
- प्रो जैताराम विश्नोई, परीक्षा नियंत्रक, जेएनवीयू जोधपुर
इधर सीट आवंटित, उधर तत्काल ज्वाइनिंग, इंजीनियरिंग कॉलेज में रिक्त सीट पर सीधे प्रवेश
जयपुर। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय और बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय से सबद्ध लगभग 80 इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की 12 हजार से अधिक रिक्त सीटों पर सीधे प्रवेश जारी हैं। गुरुवार को वरीयतानुसार सीट आवंटित की गई। विद्यार्थियों ने तत्काल फीस भरकर ज्वाइनिंग दी। बारहवीं विज्ञान-गणित में 45 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण सभी विद्यार्थी आवेदन के पात्र होंगे। जेईई मेन में शामिल नहीं होने वाले विद्यार्थियों को भी 12वीं बोर्ड में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर ब्रांच व कॉलेज में प्रवेश दिए गए।
फीस जमा कराकर ज्वाइनिंग
बड़ल्या इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रथम वर्ष 272 सीट रिक्त थीं। इनकी एवज में 472 फॉर्म भरे गए। विद्यार्थियों ने आवंटित ब्रांच में तत्काल रिपोर्टिंग की। उधर महिला इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रथम वर्ष की रिक्त सीट पर फिलहाल प्रवेश जारी हैं। यहां 70 फॉर्म भरे गए हैं। यहां कोरोना के चलते इस बार 104 सीट पर ही प्रवेश हुए हैं। रीप-2020 के कोर्डिनेटर संदीप कुमार ने बताया कि सभी सरकारी एवं प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में 50 प्रतिशत बीटेक सीटों पर प्रवेश दिए जा चुके हैं। कोरोना संक्रमण के कारण एआईसीटीई ने उच्च तकनीकी संस्थानों में स्पॉट राउंड के माध्यम से प्रवेश देने को कहा है।
Published on:
13 Nov 2020 11:47 pm
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