
टिड्डी हमला: दहशत में ग्रामीण
पाक से आई टिड्डियां किसानों का पीछा छोडऩे के लिए तैयार नहीं हैं। राजस्थान सहित देश के विभिन्न भागों में इनके हमले लगातार जारी हैं। गुरुवार को टिड्डी दल ने बूंदी जिले के विभिन्न गांवों में हमला कर दिया। बड़ी संख्या में टिड्डी दल गुरुवार दोपहर जजावर कस्बे में पंहुच गई और खेतों में हमला बोल दिया। जैसे ही किसानों को इसकी जानकारी मिली वह खेतों में जा पंहुचे और बर्तन बजाकर उन्हें भगाने का प्रयास करने में जुट गए। वहीं उन्होंने कृषि विभाग को भी इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारी भी हरकत में आ गए और दवा का छिड़काव किया।
आपको बता दें कि न केवल जजावर कस्बे में बल्कि टिड्डी दल ने बूंदी जिले के कई अन्य गांवों में भी हमला किया है। टिड्डी दल लाडपुरा तहसील के मंडाना, जोधपुराव, मांदलिया गांवों में भी देखे गए। यहां लगभग 5 किलोमीटर लंबाई और 3 किलोमीटर की चौड़ाई वाले टिड्डी दल देखे गए। कुछ एेसा ही हाल दीगोद तहसील के गांव कंवरपुरा, बदासलिया, पोलकला और भण्डाहेड़ा क्षेत्र में नजर आया। वहीं सांगोद तहसील के अमृतकुआ ग्राम पंचायत के बम्बूलिया कला, बरखेड़ी, गुरायता में लगभग डेढ़ किमी लम्बा व एक किमी चौड़ाई वाला टिड्डी दल देखा गया। टिड्डियों को देखकर ग्रामीण काफी परेशान नजर आए। यहां भी सूचना मिलने पर कृषि विभाग की टीम १५ ट्रेक्टर और दो फायर दमकलों के साथ रवाना हुई जिससे टिड्डियों का सफाया किया जा सके।
वहीं आकोला और राणीखेड़ा गांव में गुरुवार को टिड्डियो के हमले से किसान परेशान हो गए तथा खेतों पर अपनी फसल के बचाव के लिए दौड़े। यहां हालात एेसे थे कि अपनेखेतों को बचाने के लिए किसान बर्तन, ढोल नगाड़ेआदि बजाते हुए नजर आ रहे थे। यहां तक कि घर की महिलाएं भी खेतों में उतर आईं और बर्तन बजा कर टिड्डियों को भगाने का प्रयास किया। किसानों ने आतिशबाजी करके भी इन्हें भगाने का जतन किया। जानकारी के मुताबिक टिड्डी दल यहां तकरीबन आधा घंटे तक रुका फिर हवा के रुख के साथ आगे की ओर बढ़ दिया।
आपको यह भी बता दें कि बूंदी की ओर रुख करने से पूर्व टिड्डी दल ने कोटा जिले में हमला किया था। बताया जा रहा है कि कोटा जिले में बुधवार को टिड्डी दल का अब तक सबसे बड़ा हमला हुआ है। रावतभाटा के जंगलों की तरफ से तीन अलग.अलग झुण्ड आए थे जिन्होंने देर रात दीगोद, मण्डाना और सांगोद के अमृतकुआं क्षेत्र में डेरा डाल दिया। सबसे बड़ा झुण्ड दीगोद में छह किमी लम्बा और तीन किमी चौड़ा था। टिड्डी हमले से गांवों में हाहाकार मच गया। देर रात संभागीय आयुक्त केसी मीणा ने आपात बैठक बुलाकर नियंत्रण के संबंध में दिशा निर्देश दिए। कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमें देर रात नियंत्रण के लिए रवाना हो गई।
आपको बता दें कि यहां आने वाला टिड्डी दल कुल 18 किलोमीटर में टिड्डी दल फैला हुआ था जिनकी संख्या भी ७० से ७२ करोड़ बताई जा रही है।
Published on:
18 Jun 2020 07:07 pm
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