
फाइल फोटो
जोधपुर. मौसम में बदलाव की वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में टिड्डी छितराई हुई है। दो दिन से बड़ा दल नहीं आने के कारण टिड्डी नियंत्रण ऑपरेशन से अधिकांश जगह सफलता मिल रही है। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और गुजरात व महाराष्ट्र के बॉर्डर एरिया में टिड्डी लगभग खत्म कर दी गई है। हालांकि पाकिस्तान व ईरान बॉर्डर पर लगातार टिड्डी प्रजनन जारी रहने और वयस्क टिड्डी बनने से बड़े टिड्डी दलों के हमले का खतरा बना हुआ है। बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर के अलावा पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में रविवार को टिड्डी पर पेस्टीसाइड स्प्रे किया गया। हाड़ौती में मध्यप्रदेश से लगती सीमा पर अधिकांश टिड्डी खत्म कर दी गई है। हवा के कारण इधर-उधर फैली टिड्डी के खिलाफ रात्रि को ऑपरेशन जारी रहेगा। जोधपुर में पिछले एक पखवाड़े से छोटी-मोटी करके टिड्डी बनी हुई है। रविवार को फलोदी के लोर्डिया गांव और लोहावट के रहीमपुरा में टिड्डी ऑपरेशन किया गया। लोर्डिया में 150 हेक्टेयर और रहीमपुरा में 70 हेक्टेयर में पेस्टीसाइड छिड़काव किया गया। कृषि विभाग के उप निदेशक वीरेंद्र सिंह सोलंकी के मुताबिक जोधपुर में अधिकांश टिड्डी खत्म कर दी गई है।
एक दर्जन स्थानों पर 1500 हैक्टेयर में टिड्डियों का किया खात्मा
बीकानेर. आंधी के साथ पाकिस्तान के रास्ते आई टिड्डियों का हमला जारी है। शनिवार को शहर की आवासीय कॉलोनियों से निकल कर टिड्डियां ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच गई थी। जहां पर पेड़-पौधों पर रात को डेरा डाला। रविवार अल सुबह से कृषि विभाग की विभिन्न टीमें जिले में करीब एक दर्जन स्थानों पर टिड्डियों पर नियंत्रित करने के लिए पहुंची। जानकारी के अनुसार रविवार को अलग-अलग गांवों में करीब 1500 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियों का खात्मा किया गया। नोखा तहसील क्षेत्र के गांवों में चल रहे टिड्डी नियंत्रण कार्य का निरीक्षण करने के लिए रविवार को नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई देसलसर गांव में पहुंचे। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर हालात जाने।
यहां पर किया खात्मा
कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ.रामकिशोर मेहरा के अनुसार शहरी क्षेत्र में छिड़काव की आवश्यकता नहीं पड़ी। ये टिड्डियां गांवों में पहुंच गई। इसमें मुख्य रूप से बम्बलू के पास रानीसर, हिमतासर, जयपुर रोड बाइपास, उदयरामसर, कोलासर, जांगलू, जेगला, दुलचासर, कोलायत में दो तीन स्थानों पर हाडला, गज्जेवाला में इसको नियंत्रित किया गया। वहीं दोपहर को बासी बरसिंहसर की तरफ खेतों पर मंडराता हुए एक दल दिखाई दिया था, जिसके नीचे उतरने का इंतजार है। उसके बाद ही नियंत्रित किया जा सकेगा।
Published on:
31 May 2020, 11:53 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.