
जयपुर।
राजस्थान में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) की उथल पुथल के बीच आख़िरकार राजस्थान सियासत के दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी (Ghanshyam Tiwari Join Congress) ने मंगलवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया। राजधानी जयपुर के रामलीला मैदान में मंगलवार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Congress President Rahul Gandhi) की मौजूदगी में तिवाड़ी कांग्रेस में शामिल हो गए। मंच पर तिवाड़ी के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot), डिप्टी सीएम सचिन पायलट(Deputy CM Sachin Pilot), मंत्री प्रताप सिंह समेत कई दिग्गज नेता गवाह बने।
कांग्रेस में शामिल होने से पहले तिवाड़ी ने कहा कि 'मैंने महसूस कर लिया कि अकेले व्यक्ति के लिए लड़ाई लडऩा बहुत मुश्किल है। लोकतांत्रिक संस्थाओं के संरक्षण के लिए किसी बड़े संगठन की जरूरत है। भाजपा के राज में लोकतांत्रिक संस्थाओं का क्षरण हुआ है। लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा से लडऩे के लिए कांग्रेस ही मजबूत संगठन है। लिहाजा वह कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव लडऩे से साफ इन्कार कर दिया।
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले राजस्थान की राजनीति में दल बदलने के खेल के बीच जयपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में दीन दयाल वाहिनी के प्रदेशाध्यक्ष और भाजपा के दिग्गज नेता रहे घनश्याम तिवाड़ी, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र गोयल में कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया। इसके साथ ही पूर्व कैबिनेट मंत्री जनार्दन गहलोत ने भी पुन:कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली है।
वहीं प्रदेश के निर्दलीय विधायकों राजकुमार गौड, रमीला खडिया, कांतिलाल मीणा, रामकेश मीणा, लक्ष्मण मीणा, संयम लोढा, बाबूलाल नागर, खुशवीर मीणा, बलजीत यादव, सुरेश टांक, खुशवीर सिंह, महादेव सिंह खंडेला ने कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के रामलीला मैदान में संबोधन करते हुए कहा, जिसका जीवन आरएसएस में बीता हो, बीजेपी में इतना वरिष्ठ नेता रहा हो किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि वे कांग्रेस में शामिल होंगे।
राठौड़ का बयान, 'विनाश काले विपरीत बुद्धि'
भाजपा नेता और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने घनश्याम तिवाड़ी के कांग्रेस में शामिल होने पर बड़ा बयान दिया है। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद घनश्याम तिवाड़ी गुमनामी के अंधरें में खो जाएंगे। जिस पार्टी (भाजपा) और गांधी परिवार का उन्होंने जीवनभर विरोध किया आज उसी पार्टी का वे दामन थाम रहे है।
राठौड़ ने कहा कि आज बहुत आश्चर्य लगता है जिन घनश्याम तिवाड़ी ने दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर पार्टी बनाई और हमेशा उनके विचारों के बारे में देश और दुनिया को बताने की कोशिश की, लेकिन आज क्या मजबूरी हो गई जो आया राम गया राम की संस्कृति से उन लोगों का लगाव बढ़ गया जो कभी सिद्धांत की बात किया करते थे।
शायद 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' घनश्याम तिवाड़ी का कांग्रेस में शामिल होने का फैसला आत्माघाती कदम है। कांग्रेस पार्टी में शामिल होना उनकी अवसरवादी राजनीति को प्रतिबिंबित करता है।
Published on:
26 Mar 2019 09:14 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
