5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दूरियां मिटाने को सभी नेता आए एक जाजम पर, लिया ज्योति को जिताने का प्रण

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Google source verification
jyoti khandelwal

दूरियां मिटाने को सभी नेता आए एक जाजम पर, लिया ज्योति को जिताने का प्रण

विकास जैन / जयपुर। जयपुर शहर से कांग्रेस की चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए मंगलवार को एक होटल में बैठक हुई, जिसमें शहर के विधायकों और अन्य नेताओं को बुलाया गया। जिसमे कांग्रेस के सह प्रभारी विवेक बंसल और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सभी को लोकसभा चुनाव के लिए जुटने के निर्देश दिए हैं। वार्ड स्तर पर टीम तैयार कर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर जुटने के निर्देश दिए गए।

कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल विधानसभा चुनाव में भी किशनपोल और विद्याधर नगर से टिकट की दावेदार थी। उस समय टिकट नहीं मिलने पर वे खफा हो गई थी। ऐसे में अब माना जा रहा है कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में भीतरघात की आशंकाओं को दूर करने में जुटी हुई है। जिसके लिए सभी बड़े नेताओं को एक जाजम पर लाने की कोशिश की जा रही है। बैठक के बाद प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि सभी नेता एकजुट हैं और कांग्रेस प्रत्याशी को जुटाने में लग गए हैं।

महेश जोशी थे दिल्ली, बाकी नेता आए बैठक में

बैठक में कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा, विधायक रफीक खान, विधायक गंगा देवी, विधायक अमीन कागजी, महापौर विष्णु लाटा, सीताराम अग्रवाल, पुष्पेन्द्र भारद्वाज, महापौर विष्णु लाटा भी मौजूद थे। बैठक में मुख्य सचेतक विधायक महेश जोशी शामिल नहीं हुए। इस बारे में कांग्रेस शहर संगठन का कहना है कि जोशी मंगलवार को जयपुर में नहीं थे। उन्होंने इसकी सूचना भी भेज दी थी।

इसलिए आशंकाएं

वर्ष 2009 के आम चुनाव और उसके बाद हुए महापौर चुनाव में जयपुर शहर में कांग्रेस को बडी सफलता मिली थी। उस समय महेश जोशी सांसद और फिर ज्योति खंडेलवाल महापौर चुनी गई थी। उस समय सभी नेता एकजुट थे। लेकिन उसके बाद हालात बदले और एकजुट रहे नेताओं में दूरियां बढ़ गई। टिकट की प्रतिस्पर्धा में जयपुर शहर के बड़े नेताओं की आपस में सार्वजनिक तकरार भी हुई थी। वहीं इस बार भी शहर से टिकट के लिए दावेदारों की बड़ी कतार थी। ऐसे में कांग्रेस भीतरघात की आशंका को दूर करने में जुटी हुई है।