
जयपुर। नागौर से लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को लोक सभा के शून्यकाल में सेना में अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग उठाई। बेनीवाल ने सदन में दिए गए अपने वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा की सेना जैसे संस्थान में अग्निपथ योजना के माध्यम से संविदा भर्ती का निर्णाग किसी भी दृष्टि से सही नहीं है। केंद्र के इस फैसले के विरुद्ध राजस्थान सहित देश भर के युवा आंदोलित है।
सांसद ने कहा अग्निपथ के माध्यम से ली जाने वाली संविदा भर्ती के चार वर्षों बाद युवाओं का क्या भविष्य होगा, इस पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है। चार वर्ष के बाद न किसी को रेंक मिलेगी, न ही प्रमोशन और पेंशन। ऐसे में सरकार को सेना में जाने के इच्छुक युवा वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। बेनीवाल ने कहा कि सरकार अग्निवीरों को रिटायरमेंट के बाद सार्वजनिक उपक्रमों में नौकरी देने की बात करती है, लेकिन पूर्व सैनिकों के लिए ग्रुप सी और ग्रुप दी में क्रमश: 10 और 20 प्रतिशत आरक्षित होने के बावजूद हकीकत में 1.29 प्रतिशत और 1.66 प्रतिशत नौकरी ही दी जा सकी। वहीं केंद्रीय सुरक्षा बलों के भी पूर्व सैनिकों को दस प्रतिशत नौकरी देने की बात कही गई लेकिन वास्तविक आंकड़ों में एक प्रतिशत से भी कम पूर्व सैनिकों को नौकरी मिल पाई।
बेनीवाल ने पुराने तर्ज पर सेना भर्ती रैलियों का आयोजन दो वर्ष की आयु में छूट देते हुए प्रारंभ करने व भारतीय सेना के साथ नेवी और वायुसेना में लंबित रही भर्तियों को पूरा करते हुए अग्निपथ जैसे फैसले को वापिस लेने की मांग की। इस दौरान बेनीवाल ने रालोपा की ओर से भर्ती के खिलाफ 27 जून को जोधपुर में दो लाख से अधिक युवाओं की मौजूदगी में की गई रैली की भी जानकारी दी गई।
Published on:
12 Dec 2022 06:54 pm
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